S M L

बुराड़ी कांड: घर से मिली पर्चियों से पता चला, तांत्रिक ने बताया था कैसे परिवार के 11 लोगों को मारना है

पुलिस ने कहा कि मुमकिन है कि परिवार के एक सदस्य ने आध्यात्मिक वजहों से बाकी लोगों को मार दिया होगा

Updated On: Jul 01, 2018 11:21 PM IST

FP Staff

0
बुराड़ी कांड: घर से मिली पर्चियों से पता चला, तांत्रिक ने बताया था कैसे परिवार के 11 लोगों को मारना है
Loading...

दिल्ली के बुराड़ी इलाके की घटना ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं. पुलिस इस घटना के पीछे जिस चीज को वजह मान रही है वह और भी हैरान करने वाला है. पुलिस ने बताया कि मुमकिन है कि परिवार के तीन लोगों ने काला जादू या तंत्र मंत्र के प्रभाव में परिवार के बाकी सदस्यों की हो. रविवार सुबह बुराड़ी में 11 लोगों की रहस्यमयी मौत का पता चला. मारे गए 11 लोगों में 7 महिलाएं हैं. 10 लोगों की आंखों और मुंह पर पट्टी बंधी हुई थी और वे फांसी में झूल रहे थे. यह हादसा गुरु गोविंद सिंह अस्पताल के सामने वाले घर में हुई.

घर की तलाशी में पुलिस को हाथ से लिखी एक पर्ची मिली. उस पर्ची पर लिखा हुआ था, 'इनसान का शरीर अस्थायी है और आप आंखों और मुंह पर पट्टी बांधकर इस डर से उबर सकते हैं.' ज्वाइंट पुलिस कमीश्नर (क्राइम) आलोक कुमार ने कहा, 'हमें हाथ से लिखी कुछ पर्चिंयां मिली हैं. उनमें यह लिखकर बताया गया है कि कैसे हाथ और पैरों को बांधना है. मारे गए 11 लोगों में से 10 लोगों को ठीक इसी तरह बांधा गया था. यह केस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है और हम घटनास्थल की जांच कर रहे हैं. घर से मिले नोट्स के मुताबिक, मौत की वजह कोई आत्मा है. आगे जांच से पूरे मामले का खुलासा होगा. उन पर्चियों को हम पढ़ रहे हैं.'

तंत्र मंत्र के चंगुल में था परिवार?

जांच में शामिल एक अफसर ने बताया, 'पर्चियों में लिखा है कि अगर 11 लोगों का समूह यह रस्म करता है तो सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी और मोक्ष की प्राप्ति होगी. कुछ पर्चियों पर तारीख लिखी हुई है जबकि कुछ पर कोई तारीख नहीं है. सभी पर्चियों में जीवन लीला समाप्त करने और शांति प्राप्त करने की बातें लिखी हुई हैं.' पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 'जांच में पता चला है कि परिवार के तीन लोगों ने पहले आत्महत्या करने का फैसला किया. इसके बाद इन तीनों ने परिवार के बाकी सभी सदस्यों को मारने का फैसला किया. इन लोगों ने बाजार से नींद की गोलियां खरीदीं और रात के खाने में मिला दिया.'

दिल्ली पुलिस की प्रेस रिलीज

दिल्ली पुलिस की प्रेस रिलीज

इन तीनों लोगों ने परिवार के सभी सदस्यों के हाथ बांधे ताकि कोई बचने की कोशिश ना कर सके. पुलिस को शक है कि इन लोगों ने पहले तांत्रिक के बताए अनुसार बाकी लोगों को फांसी दी फिर खुद फांसी  पर लटक गए. इन तीनों ने सुसाइड नोट भी लिखने की कोशिश की थी लेकिन फिर नहीं लिखने का फैसला किया. पुलिस को हाथ से लिखी कुछ पर्चियां भी मिली हैं जिससे पता चलता है कि वे काला जादू या तंत्र मंत्र के चंगुल में थे. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि परिवार तंत्रमंत्र या किसी गुरु के संपर्क में था या नहीं.

क्या है सच्चाई?

पुलिस को उनका पालतू कुत्ता भी मिला है जिसे छत पर छोड़ दिया गया था. जांच टीम पर फिंगर प्रिंट तलाशने में जुटी है ताकि यह पता चल सके कि किसने नींद की गोलियां मिलाई और किसने हत्याएं कीं. जांच टीम का कहना है कि परिवार का जो सदस्य कुत्ते को ग्राउंड फ्लोर से तीसरी मंजिल की छत पर ले गया होगा, कुत्ते के पट्टे पर उसकी उंगलियों के निशान जरूर होंगे.

पुलिस ने परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उनके संबंध किनके साथ थे. इस मामले में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है जबकि परिवार के सभी 11 लोगों की मौत हो चुकी है. आलोक कुमार ने कहा, 'यह केस क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है. हम घटनास्थल की जांच कर रहे हैं.'

नींद की गोलियों की वजह से परिवार के सभी सदस्य बेसुध हो गए. इसके बाद जिस शख्स ने हत्या की योजना बनाई थी उसने एक-एक करके परिवार के सभी सदस्यों को मारना शुरू किया. इसी दौरान एक महिला जाग गई. वह पड़ोसियों को बता न दें इसलिए उस शख्स ने उसका गला काट दिया. शुरुआत में यह आत्महत्या का मामला लग रहा था लेकिन अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.

सूत्रों के मुताबिक, यह परिवार 22 साल पहले राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से दिल्ली आया था. इन्होंने पहले एक किराना स्टोर और फिर प्लाईवुड का धंधा शुरू किया. पुलिस राजस्थान में इनके रिश्तेदारों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है. मरने वालों में 77 वर्षीय नारायण देवी, उनके दो बेटे भवनेश (50) और ललित (45), दो बहुएं सविता (48) और टीना (42), उनकी बेटी प्रतिभा (57), उनकी नातिन प्रियंका (33) और उनके पोते-पोतियां नीतू (25), मोनू (23), ध्रुव (15 ) और शिवम (15) शामिल हैं.

आसपास के लोगों के मुताबिक, परिवार ने रात 11.45 पर दुकान बंद की. रविवार सुबह एक पड़ोसी जब दूध खरीदने आया तो दुकान बंद मिली. हालांकि घर का दरवाजा खुला था. वह जब ऊपर गया तो वहां परिवार के सभी सदस्यों की लाशें मिलीं.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi