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बच्ची की डेंगू से मौत, अस्पताल ने माता-पिता को थमाया 18 लाख का बिल

बच्ची के माता-पिता को जो बिल दिया गया वो करीब 19 पन्नों का था. इसमें 661 सीरिंज 2,700 दस्ताने और कुछ अन्य चीजों की कीमत शामिल थी

Updated On: Nov 21, 2017 11:20 AM IST

FP Staff

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बच्ची की डेंगू से मौत, अस्पताल ने माता-पिता को थमाया 18 लाख का बिल

दिल्ली-एनसीआर के एक और हॉस्पिटल की मनमानी की घटना सामने आई है. जाने-माने हाईफाई हॉस्पिटल फोर्टिस ने डेंगू में अपने जान से हाथ धो बैठी बच्ची के माता-पिता को 18 लाख का बिल थमाया है.

ये मामला दिल्ली से सटे गुरुग्राम के फोर्टिस हॉस्पिटल का है. डेंगू से पीड़ित सात साल की बच्ची के माता-पिता उस समय चौंक गए, जब उनकी बेटी के इलाज के लिए डॉक्टरों ने उन्हें 18 लाख रुपए का बिल थमा दिया. इसके बावजूद भी डॉक्टर आद्या नाम की इस बच्ची को बचा भी नहीं पाए.

बच्ची के माता-पिता को जो बिल दिया गया वो करीब 19 पन्नों का था. इसमें 661 सीरिंज 2,700 दस्ताने और कुछ अन्य चीजों की कीमत शामिल थी जिसे कथित तौर पर इलाज के समय इस्तेमाल किया गया.

दिल्ली के द्वारिका में रहने वाले बच्ची के पिता जयंत सिंह ने इलाज का खर्च एडवांस में दिया. उन्होंने आरोप लगाया है कि बाद में बिल की राशि बढ़ाई गई और मनमानी की गई. उन्होंने कहा इतने महंगे बिल के बाद भी आद्या की सेहत का ठीक तरह से ख्याल नहीं रखा गया.

बच्ची के पिता का बयान

न्यूज 18 से बात करते हुए बच्ची के पिता ने बताया कि फोर्टिस में रुकना हमारे लिए शुरुआत से ही नर्क जैसा था. बच्ची को डेंगू टाइप IV हो गया है इसका पता चलने के बाद 31 अगस्त को फोर्टिस अस्पताल में शिफ्ट कराया गया था. द्वारका के रॉकलैंड अस्पताल के डॉक्टर्स ने उसे अस्पताल के पेडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट(पीआईसीयू) में शिफ्ट कराने के लिए कहा था.

उन्होंने आगे बताया कि फोर्टिस आने पर काफी जोर देने पर आद्या को पीआईसीयू में भर्ती किया गया. उसे हर दिन 40 इंजेक्शन दिए जाने लगे. सस्ती दवाओं का विकल्प होने के बावजूद भी जानबूझकर बिल बढ़ाने के लिए उसे अस्पताल द्वारा महंगी दवाइयां दी गईं.

स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंचा है मामला

इस घटना को संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने ट्वीट किया कि कृपया घटना की सारी जानकारी मुझे hfwminister@gov.in पर दें. इस मामले में जरूरी कार्रवाई की जाएगी.

हालांकि, इस मामले में अस्पताल प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार कर रहा है. अस्पताल की ओर से कहा गया है कि इलाज के दौरान मानक चिकित्सा प्रक्रिया का पालन किया गया.

अपने बयान में अस्पताल ने कहा कि बच्ची को काफी गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. बच्ची के इलाज में सारे स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल और गाइडलाइंस का ध्यान रखा गया.

बच्ची के पिता जयंत सिंह के दोस्त की तरफ से ट्वीट किया गया बिल.

बच्ची के पिता जयंत सिंह के दोस्त की तरफ से ट्वीट किया गया बिल.

फोर्टिस का बयान

इस मामले में फोर्टिस अस्पताल ने कहा कि आद्या डेंगू शॉक सिंड्रोम से जूझ रही थी. उसकी हालत को स्थिर बनाए रखने के लिए उसे लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था.

बच्ची के परिवार को उसकी गंभीर हालत के बारे में और ऐसी स्थिति में इलाज के बारे में बता दिया गया था. परिवार को हर दिन बच्ची की सेहत के बारे में जानकारी दी जा रही थी.

अस्पताल की तरफ से बयान में कहा गया कि 14 सितंबर को परिवार ने मेडिकल सलाह के खिलाफ जाकर बच्ची को अस्पताल से ले जाने का फैसला लिया और उसी दिन बच्ची की मौत हो गई.

(साभार- न्यूज18)

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