S M L

'पूरा सच' के जरिए इस पत्रकार ने खोली थी राम रहीम की करतूतों की पोल

राम रहीम के केस में सबसे अहम रोल पत्रकार राम चंदेर छत्रपति का है, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई थी.

Updated On: Aug 26, 2017 10:54 AM IST

FP Staff

0
'पूरा सच' के जरिए इस पत्रकार ने खोली थी राम रहीम की करतूतों की पोल

साध्वियों के रेप के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया. इसके बाद साल 2002 के इस मामले में परत-दर-परत चीजें खुलने लगी. इस मामले में सबसे अहम रोल पत्रकार राम चंदेर छत्रपति का था, जिनकी बाद में हत्या कर दी गई थी.

साल 2002 में गुमनाम लड़कियों ने डेरा के अंदर हो रहे यौन उत्पीड़न को लेकर चिट्ठियां लिखी थी. इसके बाद छत्रपति ने इस मामले में जांच शुरू की. वह 'पूरा सच' के नाम से अखबार निकालते थे. इसमें उन्होंने एक गुमनाम पत्र को छाप दिया था. इसमें दो साध्वियों के साथ रेप और हिंसा की बात पर बहुत ही मार्मिक घटना का जिक्र किया गया था. बता दें कि साध्वियों ने ये चिट्ठी तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी गुमनाम से भेजी थी.

'पूरा सच' अखबार में छापी थी चिट्ठी

चिट्टी को 'पूरा सच' अखबार में छापने के कुछ दिनों बाद 24 अक्टूबर 2002 को छत्रपति पर कातिलाना हमला हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक, छत्रपति को घर से बुलाकर पांच गोलियां मारी गई थीं. 21 नवंबर 2002 को छत्रपति की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मौत हो गई थी. ये केस भी कोर्ट में चल रहा है.

साध्वियों से मिला था इनपुट रिपोर्ट के मुताबिक, छत्रपति की रिपोर्ट के बाद पूरा इलाके में उनकी बहादुरी की चर्चा होने लगी थी. कई और साध्वियों ने उन्हें कुछ इनपुट उपलब्ध कराई. बताया जाता है कि उनकी मौत के बाद सीबीआई के जांच अधिकारी सतीश डागर ने भी इस केस में बड़ी भूमिका निभाई. साध्वियों को उनका सपोर्ट मिलता रहा.

सीबीआई ने की जांच बता दें कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पास ये मामला जाने के बाद इसे सिरसा के सेशन जज को सौंपा गया था. दिसंबर 2003 में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया और सतीश डागर ने इसकी जांच शुरू की. डागर ने ही सबसे पहले साध्वी को खोजा था और उसे बयान देने के लिए तैयार किया था.

(साभार न्यूज़18)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi