S M L

गुजरातः बुद्ध पूर्णिमा पर 300 दलित करेंगे धर्म परिवर्तन

इनका कहना है कि दलितों के खिलाफ लगातार जो अत्याचार हो रहे हैं उसी कारण से ये लोग बौद्ध धर्म अपना रहे हैं

FP Staff Updated On: Apr 28, 2018 11:01 PM IST

0
गुजरातः बुद्ध पूर्णिमा पर 300 दलित करेंगे धर्म परिवर्तन

गुजरात के उना के मोटा समाधिया गांव में रहने वाले दलित परिवारों ने रविवार को हिदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला किया है. इन दलितों में वो दलित भी शामिल हैं जिन्हें जुलाई 2016 में कथित तौर पर एक मरी हुई गाय की खाल उतारने के आरोप में कुछ गौरक्षकों ने आधा नंगा करके उना शहर में घुमाया था.

सूत्रों के अनुसार बौद्ध धर्म स्वीकार करने वाले गांव के इन लोगों के साथ आसपास के इलाके के करीब 300 और दलित भी शामिल होंगे. इनका कहना है कि दलितों के खिलाफ लगातार जो अत्याचार हो रहे हैं उसी कारण से ये लोग बौद्ध धर्म अपना रहे हैं.

धर्म परिवर्तन करने के लिए पहले ज़िला प्रशासन से इज़ाजत लेनी पड़ती है और उसकी अनुमति के बाद ही ऐसा किया जा सकता है. अभी तक ज़िला प्रशासन को इस संदर्भ में दलितों की ओर से 300 फॉर्म मिल चुके हैं. हालांकि दलितों का कहना है कि रविवार को बुद्ध पूर्णिमा के दिन मोटा समाधिया गांव में होने वाले इस समारोह में और भी लोग शामिल होंगे. इस काम के लिए पोरबंदर से बौद्ध भिक्षुओं को आमंत्रित किया गया है. साथ ही स्थानीय नेताओं को भी इस समारोह में बुलाया गया है.

दलितों को पीटने की घटना से मचा था हंगामा 

जुलाई 2016 में उना में दलितों को पीटने और आधा नंगा कर शहर में घुमाने की घटना हुई थी. इस घटना के पीड़ित रमेश सरवैया ने न्यूज़ 18 को बताया, "हम लोगों को सार्वजनिक रूप से पीटा गया और हमारी बेइज़्जती की गई. उस समय की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने भी कई वादे किए थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई."

बता दें कि 2016 में दलितों की पिटाई के विरोध में पूरे देश में दलित सड़कों पर उतर आए थे. इनके ऊपर आरोप लगाया गया था कि इन्होंने गाय को मारा है. लेकिन बाद में जांच से पता चला कि वास्तव में ये दलित पहले से मरी हुई उस गाय की खाल उतार रहे थे. गाय को गिर सेंक्चुरी के बाहरी इलाके में किसी जंगली जानवर ने मारा था.

कुछ दिन पहले जब रमेश और उसका चचेरा भाई मोटर साइकिल से अपने गांव आ रहे थे तो आरोपियों में से एक ने उनके ऊपर फावड़े से हमला किया. रमेश ने बताया "हमारी मोटरसाइकिल को रोक लिया गया और आरोपी किरनभा दरबार ने फावड़े से वार किया. लेकिन मैने फावड़े को पकड़ लिया जिसकी वजह से मै बच गया."

उसने न्यूज़ 18 को बताया कि किरनभा और उसके साथ के दूसरे लोगों ने उसे धमकाया कि केस वापस ले ले . उसने कहा "उन्होंने इसलिए भी हमारे ऊपर हमला किया क्योंकि हमने धर्म परिवर्तन करने की घोषणा कर दी थी."

दलितों ने हिंदू धर्म छोड़कर बोद्ध धर्म या इस्लाम अपनाने की धमकी दी

जीतू ने न्यूज़ 18 को बताया "घटना में सभी आरोपियों को ज़मानत मिल गई है और वो आज भी जेल के बाहर हैं. दो साल बीत गए हैं और हमें आज भी न्याय नहीं मिला है. हमारे खिलाफ छुआछूत और भेदभाव जारी है. हमने प्रशासन को खबर कर दी है कि हम लोग रविवार को अपना धर्म परिवर्तित करेंगे."

पिछले एक दशक से दर्जन भर से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं जब दलितों ने हिंदू धर्म छोड़कर बोद्ध धर्म या इस्लाम अपनाने की धमकी दी. कुछ मामलों में ज़िला प्रशासन को इस मामले में एप्लीकेशन भी दिया गया लेकिन बाद में इसका कोई फॉलो-अप नहीं किया गया.

जब गिर गधादा मामलादार सीएम डांगी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुछ लोगों से इस मामले में एप्लीकेशन मिले हैं लेकिन पुलिस की सहायता से ज़िलाधिकारी इस मामले में वेरीफिकेशन करेंगे इसके बाद वो फैसला करेंगे कि धर्म परिवर्तन की अनुमति देनी है या नहीं.

(न्यूज 18 के लिए मेघदूत शेरॉन की रिपोर्ट) 

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Social Media Star में इस बार Rajkumar Rao और Bhuvan Bam

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi