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गुजरातः पुलिस हिरासत में लिए गए युवक की मौत, गुस्साए लोगों ने जलाया थाना

पुलिस जब हत्या का मामला दर्ज करने को नहीं तैयार हुई तो गुस्साए गांववालों ने पथराव शुरू कर दिया और गाड़ियों में आग लगा दी

Updated On: Oct 27, 2017 03:39 PM IST

FP Staff

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गुजरातः पुलिस हिरासत में लिए गए युवक की मौत, गुस्साए लोगों ने जलाया थाना

पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान एक युवक की मौत हो गई. इसके बाद युवक के परिजनों ने पुलिस से हत्या का केस दर्ज करने को कहा. पुलिस के मना करने पर गुस्साए लोगों ने थाने में आग लगा दी.

घटना गुजरात के दाहोद जिले के आदिवासी बहुल इलाके गरबडा तालुका की है. गुस्साई भीड़ को नियंत्रित करने कि लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले दागे और उसके बाद गोली चला दी. जिससे एक किसान की भी मौत हो गई.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक हिरासत में पिटाई से हुई मौत के बाद आदिवासी बहुल गांव चिलाकोटा के क्रोधित गांववालों ने पुलिस थाने का घेराव किया. गांववाले दोषी पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे.

दाहोद के डीएसपी तेजस पटेल ने बताया कि क्राइम ब्रांच पुलिस कनेश गमरा (31) को गुरुवार रात डेढ़ बजे के करीब पूछताछ के लिए ले गई. पुलिस गमरा से उसके भाई के बारे में पूछताछ कर रही थी जो डकैती के एक मामले में आरोपी है. गमरा के साथ एक और व्यक्ति को पुलिस लेकर गई थी. रात को करीब तीन बजे पुलिस ने उन दोनों को छोड़ा.

वहीं गांववालों के मुताबिक उसके करीब एक घंटे बाद ही गमरा की मौत हो गई. इसके बाद गांववाले सुबह सात बजे गमरा का शव लेकर जेसावाड़ा पुलिस थाने पहुंचे. पुलिस जब हत्या का मामला दर्ज करने को नहीं तैयार हुई तो गुस्साए गांववालों ने पथराव शुरू कर दिया और वहां खड़ी कुछ गाड़ियों में आग लगा दी.

इधर गांववालों के पथराव में सात पुलिस वालों को चोट लगी है. वहीं पुलिस की गोली से तीन लोग घायल हो गए जिनमें से एक किसान रामसु मोहनिया की मौत हो गई. मोहनिया केे परिवार में उनकी पत्नी, तीन बेटे और तीन बेटियां हैं.

दाहोद के डीएसपी तेजस पटेल ने बताया कि थाने को 500 से अधिक गांववालों ने घेर लिया था. पूरे मामले की जांच चल रही है. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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