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घर में शादी का माहौल है तो जान लीजिए कहां पड़ेगी GST की मार

फेस्टिव सीजन के बीच शादी के बजट पर जीएसटी की मार साफ तौर पर पड़ने जा रही है

Updated On: Oct 03, 2017 12:46 PM IST

FP Staff

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घर में शादी का माहौल है तो जान लीजिए कहां पड़ेगी GST की मार

फेस्टिव सीजन के बीच शादी का सीजन भी लगभग शुरू हो चुका है. हालांकि इस बार शादी के बजट पर जीएसटी की मार साफ तौर पर पड़ने जा रही है. अब आपको टेंट और हलवाई की बुकिंग आदि के लिए अधिक पैसे देने होंगे. दोनों सेवाओं पर एक जुलाई से 18 फीसदी जीएसटी लागू हो गया है. टैक्‍स एक्‍सपर्ट की मानें तो इस बार अगर आपने शादी के लिए 20 लाख का बजट बनाया है तो ये खर्च बढ़कर 22-23 लाख रुपए हो जाएगा. इस तरह शादी के खर्च में कुल मिलाकर 10 फीसदी का इजाफा हो सकता है.

पहले 40 फीसदी काम पर नहीं लगता था टैक्‍स

टेंट और कैटरिंग से जुड़े लोगों के अनुसार जीएसटी लागू होने से पहले कैटरिंग से जुड़े 40 फीसदी काम पर पहले कोई टैक्‍स नहीं था. बाकी कामों पर औसतन दस फीसदी टैक्‍स लगता था. अब टेंट और कैटरिंग दोनों पर 18 फीसदी जीएसटी देय होगा. इसे देखते हुए कुछ टेंट एसोसिएशन ने इस काम को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने या फिर इसे 5 फीसदी वाले स्‍लैब में रखने की मांग की है.

इस तरह थोड़ा कम कर सकते हैं खर्च

किसी एजेंसी या प्‍लानर द्वारा अगर आप शादी की व्‍यवस्‍था कराते हैं तो आपको अधिक टैक्‍स देना पड़ेगा. ऐसे में टैक्‍स एक्‍सपर्ट का कहना है कि अगर आप ये चीजें खुद मैनेज करते हैं तो इस अतिरिक्‍त खर्च को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

व्‍यापारी, कस्‍टमर से वसूलेंगे यह टैक्‍स

जीएसटी लागू होने से पहले तक सर्विस चार्ज 15 फीसदी था. इसके अलावा, इस तरह के अधिकांश काम पहले कच्चे बिल पर ही होता था. स्टॉक में पड़े माल पर साल में एक बार 6 फीसदी वैट जाता था. इसे व्यापारी अपनी जेब से चुका देते थे. लेकिन अब अधिकांश चीजें पक्‍के बिल पर होगा, इसलिए व्‍यापारी इसे कस्‍टमर पर शिफ्ट कर देंगे.

(साभार न्यूज18)

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