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पॉल्यूशन का बढ़ता खतरा: शरीर ही नहीं दिमाग पर भी घातक असर

देश में वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है. जहरीली हवा में सांस लेने से लोग बीमार हो रहे हैं

Updated On: Nov 20, 2018 09:16 PM IST

FP Staff

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पॉल्यूशन का बढ़ता खतरा: शरीर ही नहीं दिमाग पर भी घातक असर

देश में वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है. जहरीली हवा में सांस लेने से लोग बीमार हो रहे हैं. देश की राजधानी दिल्ली का तो ये हाल है कि यहां सांस लेना दिन भर में 25 सिगरेट पीने के जैसा है. इस बीच सामने आए एयर पॉल्यूशन पर YouGov के एक सर्वे के बारे में जानने के बाद देश वासियों की चिंता और बढ़ने वाली है.

सर्वे में सामने आया है कि तीन चौथाई लोगों ने माना है कि वायु प्रदूषण चिंता का विषय है. दिल्ली में 81 फीसद लोगों ने माना है कि शहर की एयर क्वालिटी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और बेहद जहरीली है. वहीं बेंगलुरु में 29 फीसद और मुंबई में 40 फीसद लोगों ने अपने शहरों की हवा को स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना है.

किस वजह से हो रहा पॉल्यूशन

देश के ज्यादातर लोग मानते हैं कि पॉल्यूशन के लिए ट्रैफिक जिम्मेदार है. दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों के लोगों का भी मानना है कि पॉल्यूशन के लिए ट्रैफिक जिम्मेदार है. वहीं देश में बढ़ते पॉल्यूशन के लिए सिर्फ ट्रैफिक ही नहीं, बल्कि पेड़ों की घटती संख्या और कूड़ा जलाने को मुख्य कारण माना गया है. देश में हर दिन करीब 22 फीसद लोग ट्रैफिक में एक से दो घंटे फंसते हैं और इस दौरान वो पॉल्यूशन के संपर्क में आते हैं.

pollution

खासतौर पर दिल्ली के लोग प्रदूषण की मार से काफी ज्यादा बेहाल हैं, क्योंकि यहां भारी ट्रैफिक, कूड़ा जलाने और फैक्ट्रियों से भारी मात्रा में हानिकारक पदार्थ निकलते हैं और यहां की हवा को दूषित करते हैं. लेकिन दिलचस्प बात ये है कि दिल्ली में 35 से 40 साल की उम्र के करीब 68 फीसद लोगों ने निर्माण कार्य को पॉल्यूशन के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार माना है.

शारीरिक नहीं मानसिक रूप से बीमार हो रहे हैं लोग

बढ़ते पॉल्यूशन का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. पॉल्यूशन के कारण लोग सिर्फ शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मांसिक रूप से भी बीमार हो रहे हैं. बड़े शहरों में 81 फीसद लोगों को पॉल्यूशन के बढ़ते स्तर के कारण अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा है. 64 फीसद लोगों को आंख, नाक और गले में जलन की शिकायतें हुई हैं. दूसरे राज्यों के मुकाबले दिल्ली में अधिक लोग पॉल्यूशन के कारण बीमार हुए हैं.

सरकार कैसे लड़ेगी पॉल्यूशन से?

सर्वे में सामने आया है कि 45 फीसद लोग सरकार द्वारा पॉल्यूशन को कम करने के लिए किए गए प्रयासों से नाखुश हैं. सबसे ज्यादा 53 फीसद दिल्ली में लोग सरकार के प्रयासों से असंतुष्ट हैं. दिल्ली में 72 फीसद लोग चाहते हैं कि सरकार द्वारा पब्लिक प्लेस पर प्रदूषण पर काबू पाने वाले डिवाइस लगाए जाएं. वहीं कर्नाटक में लोग चाहते हैं कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाए.

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