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ग्राउंड रिपोर्ट: स्वाहा हो गया दिल्ली का इकलौता रोहिंग्या कैंप

इस आग में लोगों का सब कुछ स्वाहा हो गया, लोग आगजनी के पीछे साजिश होने का शक भी जाहिर कर रहे हैं

Kangkan Acharyya Updated On: Apr 16, 2018 04:52 PM IST

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ग्राउंड रिपोर्ट: स्वाहा हो गया दिल्ली का इकलौता रोहिंग्या कैंप

दिल्ली के कालिंदी कुंज की एक कॉलोनी में रविवार को आग लग गई, जिसके बाद 55 रोहिंग्या शरणार्थी परिवार बेघर होकर इधर-उधर घूमने के लिए मजबूर हैं. वैसे अभी आग लगने की वजहों का पता नहीं चल पाया है. आग रविवार सुबह 3 बजे लगी. इसमें किसी के घायल होने या हताहत होने की कोई खबर नहीं है.

इस कॉलोनी में रहने वाले महमूद जोहार ने कहा, 'जब आग लगी मैं अपने किराए के घर में सो रहा था. ये आग की लपटें किसी घर से नहीं बल्कि कॉलोनी के एक कोने से निकलनी शुरू हुईं थीं. उस तरफ सार्वजनिक शौचालय था. मिनटों में आग की लपटें पूरी कॉलोनी में फैल गई और सबकुछ जलकर राख हो गया. हमारी कोई भी चीज आग से नहीं बच पाई.'

लोगों ने आग से उन्हें कैसे बचाया, यह याद करते हुए महमूद अशरफुल्लाह ने कहा कि यह खुशकिस्मती थी कि आग लगते ही लोगों को यह खबर लग गई. अशरफुल्लाह भी इसी कॉलोनी में रहते हैं. उन्होंने कहा कि अगर आग का पता शुरुआत में नहीं लगता तो टेंट में सो रहे कई महिलाओं और बच्चों को बचा पाना मुश्किल होता. उन्होंने कहा, 'शुरुआत में आग की लपटें कम थीं. इसलिए हमने इसे पानी से बुझाने का प्रयास किया. साथ ही हमने फायर ब्रिगेड को भी इसी सूचना दे दी. लेकिन सेकेंड्स में ही आग की लपटें बढ़ गईं. इसके बाद हमने लोगों को उनके दरवाजों और खिड़कियों से निकालने का प्रयास किया,'

इस कॉलोनी में एक मदरसा और एक मस्जिद भी थी. दोनों बुरी तरह जल चुके हैं. इस कॉलोनी के ज्यादातर घर लकड़ी के बने हुए हैं. शरणार्थियों की यह कॉलोनी एक सामाजिक कार्यकर्ता जफ़र महमूद के ज़कात फाउंडेशन ने बनाया था और यही उसका संचालन कर रहा था. उन्होंने फ़र्स्टपोस्ट को बताया कि आग की खबर मिलते ही एनजीओ लोगों की मदद करने में जुट गया  है.

उन्होंने कहा, 'लोगों का सारा सामान जल गया है. हमने उन्हें दोबारा बसाने में जुट गए हैं. लोगों के लिए हमने टेंट का इंतजाम किया है. पानी और खाने का बंदोबस्त किया जा रहा है. हम उन्हें शेल्टर भी मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं.'

दिल्ली सरकार के सिविल डिफेंस डिपार्टमेंट ने भी पीड़ितों को खाना और दूसरी सुविधाएं मुहैया करवाई हैं. सिविल सोसायटी के एक सदस्य ने बताया, 'हम कॉलोनी में निवासियों को हुए नुक्सान का अंदाज़ा लगाने की कोशिश कर रहे हैं. गणना पूरी होने के बाद उनको मुआवजा दिया जाएगा.' आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतउल्ला खान ने हर पीड़ित परिवार को 25,000 रुपए तक का मुआवजा देने का ऐलान किया है.

वहां रहने वाले मोहम्मद जौहर ने बताया कि इससे पहले भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं. पिछले एक महीने से हमनें निगाह नहीं रखी और हादसा हो गया. कॉलोनी वालों का शक है कि ये आग कोई हादसा नहीं साजिश है. दिल्ली पुलिस के असिस्टेंट कमिश्नर धल सिंह के मुताबिक पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. फोरेंसिक टीम जांच कर आग की वजह का पता लगा लेगी. ज़कात फाउंडेशन के ज़फर महमूद का भी मानना है कि आग की वजह कोई साजिश हो सकती है.

कॉलोनी में रहने वाले कई लोगों का कहना है कि आग की वजह कोई साजिश हो सकती है. इसके चलते इलाके को खाली करवाकर उसपर कब्ज़ा किया जा सकता है. ज़मीन का ये इलाका ज़कात फाउंडेशन के पास है.

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