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अगले कुछ सालों में मौत के बाद दो गज जमीन भी नहीं होगी नसीब

देश में दफनाने के लिए जमीन कम पड़ती जा रही है और सालों से एक शव के ऊपर दूसरा शव दफनाया जा रहा है

Updated On: Jan 15, 2018 05:22 PM IST

FP Staff

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अगले कुछ सालों में मौत के बाद दो गज जमीन भी नहीं होगी नसीब

जिस तेजी से जनसंख्या बढ़ रही है, अगर यही हालात रहे तो जल्द ही मौत के बाद भी दो गज जमीन नसीब नहीं होगी. और इसकी शुरुआत हो भी चुकी है. देश में दफनाने के लिए जमीन कम पड़ती जा रही है और सालों से एक शव के ऊपर दूसरा शव दफनाया जा रहा है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में ही बढ़ती जनसंख्या ने कब्रिस्तानों की हालत खराब कर रखी है. दिल्ली में मौजूद कई कब्रिस्तानों में नई कब्र के लिए जगह ही नहीं है. यहां तक कि कब्रिस्तानों में सालों से एक कब्र के ऊपर दूसरी कब्र बनाई जा रही है.

रिपोर्ट में बटला हाउस के कब्रिस्तान के केयरटेकर मुहम्मद राशिद के हवाले से बताया गया है कि इस कब्रिस्तान में दशकों से कोई नई कब्र नहीं खोदी गई है क्योंकि जगह ही नहीं है. हर 5 साल पर पुरानी कब्र के ऊपर नई कब्र बना दी जाती है. यहां हर कब्र में कम से कम 4-5 शव दफनाए गए हैं. कोई भी कब्र नई नहीं है. अब जो बाहरी इलाकों में थोड़ी जगह बनी है, वहां भी घर बनाए जा रहे हैं.

दिल्ली माइनॉरिटी कमीशन के चेयरपर्सन ज़फरुल इस्लाम खान कहते है कि ये कागजों में ये कब्रिस्तान दिल्ली का सबसे बड़ा कब्रिस्तान है लेकिन अब अतिक्रमण इतना ज्यादा बढ़ गया है कि अब कहीं जगह नहीं बची है.

दिल्ली की वर्तमान आबादी 1 करोड़ 60 लाख से ज्यादा है, जिसमें 12.88 प्रतिशत मुस्लिम और 0.87 प्रतिशत ईसाई हैं. इन दोनों ही धर्मों में शव को दफनाने का रिवाज है. लेकिन डीएमसी की ओर से कराए गए एक सर्वे के मुताबिक, अगले दो सालों में मु्स्लिमों के लिए दफनाने की जगह ही नहीं रह जाएगी. वहीं ईसाइयों के पास अभी भी थोड़ा समय है.

ईसाइयों के लिए भी हालात बहुत ठीक नहीं हैं. पिछले साल अगस्त में इंडियन क्रिश्चियन सिमेट्री कमिटी ने एक आदेश जारी कर कहा था कि पहाड़गंज और बुराड़ी की सिमेट्री में किसी को भी बस 5 साल के लिए ही अलॉटमेंट मिलेगी, इसके बाद वो जगह किसी और को दे दी जाएगी.

कब्रिस्तानों में शव दफनाने की कीमत 5,000 और सिमेट्रीज में 10,000 रुपए तक होती है

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