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50 हजार से ज्यादा के कैश लेनदेन पर लग सकता है टैक्स

इस समिति में कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं जिनका नेतृत्व आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री कर रहे हैं

Updated On: Jan 25, 2017 10:49 AM IST

FP Staff

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50 हजार से ज्यादा के कैश लेनदेन पर लग सकता है टैक्स

नोटबंदी के बाद पैदा हुए हालात को देखते हुए नीति आयोग ने आंध्रप्रदेश  के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में बनी उपसमिति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना अंतरिम रिपोर्ट सौंप दिया है.

इस समिति में कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं, जिनका नेतृत्व आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री कर रहे हैं.

इस रिपोर्ट में नोटबंदी को ध्यान में रखते हुए देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कुछ सिफारिशें की गयी हैं, जिनमें मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया गया है कि अगर सरकार देश में कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना चाहती है तो उसे  50 हजार रुपये से ज्यादा की नकद निकासी पर बैंकिंग कैश ट्रांजेक्शन 'टैक्स' लगाना चाहिए.

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इसके अलावा समिति ने जो दूसरी बड़ी सिफारिश की है उसके अनुसार प्वाइंट आॅफ सेल (पीओएस) मशीन से भुगतान पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को पूरी तरह से खत्म कर देना चाहिए.

केंद्रीय बजट में शामिल

अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार चंद्रबाबू नायडु की अगुवाई वाली समिति के दिए गए कुछ सुझावों को आगामी 1 फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट में शामिल किया जा सकता है.

नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया के साथ चंद्रबाबू नायडु

नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया के साथ चंद्रबाबू नायडु

न्यूज18 में छपी खबर के अनुसार, इस रिपोर्ट में  एमडीआर को पूरी तरह से खत्म करने की सिफारिश भी की गयी है. सरकारी एजेंसियों में डिजिटल लेनदेन पर एमडीआर को शून्य करने या निचले स्तर पर लाने के लिए कहा गया है.

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नायडु ने कहा कि एमडीआर को समाप्त करने के लिए समिति की रिपोर्ट रिजर्व बैंक को भी सौंपी जायेगी, क्योंकि यह काम केन्द्रीय बैंक को ही करना है. नायडु ये बातें पीएम मोदी को रिपोर्ट सौंपने के बाद पत्रकारो ंसे बात करते हुए कहा.

बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी खबर में कहा गया है कि आर्थिक मामलों के कुछ जानकार मानते हैं कि बड़ी रकम की लेनेदेन पर निगरानी के लिए जो नियम कायदे बने हुए हैं वो काफी हैं और नए नियमों की जरूरत नहीं है.

पीएम मोदी को इस समिति की अंतरिम रिपोर्ट सौंपने वालों में आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री नायडु, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग शामिल थे.

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