विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

जीएसटी आईडी के लिए घबराएं नहीं कारोबारी, अंतरिम आईडी से कर सकते हैं कामकाज

नई टैक्स व्यवस्था जीएसटी 1 जुलाई से पूरे देश में लागू हो रही है

Bhasha Updated On: Jun 19, 2017 08:21 PM IST

0
जीएसटी आईडी के लिए घबराएं नहीं कारोबारी, अंतरिम आईडी से कर सकते हैं कामकाज

सरकार ने कहा है कि जिन व्यापारियों और डीलरों ने जीएसटी नेटवर्क में अपने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं की है वे अंतरिम आईडी का इस्तेमाल कर जीएसटी व्यवस्था के तहत अपना कारोबार करना जारी रख सकते हैं.

केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा है कि पंद्रह अंकों वाला यह अंतरिम आईडी शुरुआती कुछ महीनों के लिए माल और सेवा करप्रदाता पहचान क्रमांक (जीएसटीआईएन) के रूप में काम करेगा.

अधिया ने कहा कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन के बारे में उद्योग जगत की चिंताएं यह कहते हुए दूर करने का प्रयास किया कि कारोबारियों को घबराने की जरूरत नहीं है और रजिस्ट्रेशन के लिए आपाधापी करने की आवश्यकता नहीं है, जिन डीलरों और काराबारियों को अंतरिम आईडी मिल गया है वे नयी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में अपना कारोबार कर सकते हैं.

उन्होंने कहा, 'आप अंतरिम आईडी का इस्तेमाल कर अपना कारोबार करना जारी रख सकते हैं और जीएसटीआईएन का सभी कारोबारों में उल्लेख कर सकते हैं. आपको अंतिम जीएसटीआईएन का इंतजार नहीं करना है. यदि आपने अपना ब्योरा नहीं भी दिया है तो भी आप अपना कारोबार करना जारी रख सकते हैं.'

उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जररत नहीं है.  फिलहाल 80.91 लाख उत्पाद, सेवा शुल्क और वैट कर दाताओं में से 65.6 लाख यानी 81 फीसद पहले ही जीएसटीएन पोर्टल पर पहुंच चुके हैं. हालांकि 65.6 लाख में से भी 13 लाख कारोबारियों ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का दूसरा चरण पूरा नहीं किया है जिसके तहत सत्यापन आती है.

25 जून से शुरू होगा नए कारोबारियों का रजिस्ट्रेशन 

जब कोई कारोबारी जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराता है तो उसे अंतरिम जीएसटीआईएन प्रदान किया जाता है. उसके बाद दूसरे रण में कारोबारी को जीएसटीएन पोर्टल पर लॉग इन कराना होता है और अपने कारोबार का ब्योरा जैसे कारोबार के मुख्य स्थल, कारोबार के अतिरिक्त स्थल, निदेशक और बैंक खाते आदि के बारे में बताना होता है.

अधिया ने कहा कि सरकार ने डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से या इलेक्ट्रोनिक सत्यापन कोर्ड सृजित कर रजिस्ट्रेशन के सत्यापन की जरूरत खत्म कर दी है .

उन्होंने कहा, 'अब उन्हें डिजिटल सिग्नेचर देने या ई साइन करने की जररत नहीं है. वे बस उसे सेव कर सकते हैं और उन्हें स्वत: ही एक ईमेल भेजा जाएगा जिसमें उन्हें बताया जाएगा कि सारे विवरण मिल गए हैं और यह पूर्ण हो गया. उन्हें ब्यौरा सेव करने के बाद परेशान होने की जररत नहीं है. यदि उन्हें ई मेल नहीं मिलता है तो भी उन्हें घबराने की जररत नहीं है. उसके बाद भी वे एक जुलाई से कारोबार कर सकते हैं.' हालांकि जीएसटीएन पोर्टल पर ब्यौरा यथाशीघ्र डाला जाए .

अधिया ने कहा कि नए कारोबारियों का रजिस्ट्रेशन 25 जून से प्रारंभ होगा और उनके पास रजिस्ट्रेशन के लिए एक महीने का वक्त होगा. जो करदाता जीएसटीएन पोर्टल पर आने को इच्छुक हैं उनके लिए उसी दिन खिड़की खुलेगी.

उन्होंने कहा, 'लेकिन उन्हें उसी दिन यानी 25 जून को आपाधापी करने की जररत नहीं हैं हम सभी से अपने कागजात तैयार रखने और समय से यह काम करने की अपील करते हैं.' नई जीएसटी व्यवस्था 30 जून की आधी रात को लागू हो जाएगी.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi