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जानिए कौन हैं CBI के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव

आलोक वर्मा की जगह एम. नागेश्वर राव को अंतरिम डायरेक्टर का कार्यभार सौंपा गया है, एम नागेश्वर राव सीबीआई में ही ज्वाइंट डायरेक्टर के पद पर हैं

Updated On: Oct 24, 2018 11:57 AM IST

FP Staff

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जानिए कौन हैं CBI के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव
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सीबीआई में जारी घमासान के बीच सीबीआई चीफ आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया है. आलोक वर्मा की जगह एम. नागेश्वर राव को अंतरिम डायरेक्टर का कार्यभार सौंपा गया है. एम नागेश्वर राव सीबीआई में ही ज्वाइंट डायरेक्टर के पद पर हैं. एम नागेश्वर राव को तत्काल प्रभाव से सीबीआई के डायरेक्टर पद की जिम्मेदारियां और कार्यभार संभालने के लिए कहा गया है.

एम. नागेश्वर राव तेलंगाना के वारंगल जिले के रहने वाले हैं. वह ओडिशा कैडर के 1986 बैच के IPS अधिकारी हैं. वह ओडिशा पुलिस (रेलवे) में एडिशनल डायरेक्टर रह चुके हैं. उन्होंने ओसमानिया यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने आईआईटी मद्रास से रिसर्च किया था.

केन्द्र सरकार ने नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक बनाने का फैसला इसलिए लिया क्यूंकि सीबीआई में नंबर वन पर तैनात रहे महानिदेशक आलोक वर्मा और नंबर 2 पर रहे राकेश अस्थाना के बीच की जंग सीबीआई दफ्तर से बाहर निकल कर न्यायालय तक पहुंच चुकी थी. सीबीआई में नंबर तीन पर तैनात ए के शर्मा के खिलाफ भी राकेश अस्थाना शिकायत कर चुके थे. इसलिए तीनों अधिकारी के बीच मचे घमासान को देखते हुए कैबिनेट कमेटी ऑफ अप्वाइंटमेंट्स ने देर रात तय किया कि एम नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक नियुक्त किया जाए और सीबीआई के कामकाज को सुचारू रूप से चलाया जा सके.

एम नागेशवर राव दक्षिणी जोन के संयुक्त निदेशक थे. उन्होंने इससे पहले नार्थ ईस्ट सहित हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में भी काम किया है. एम नागेशवर राव की छवि एक अच्छे प्रशासक की रही है और उन्हें बेहतरीन सेवा के लिए राष्ट्रपति द्वारा पुलिस मेडल जैसे सम्मान से नवाजा जा चुका है.

आईआईटी चेन्नई से रिसर्च कर चुके राव की खासियत है कि वो क्राइम के अनुसंधान में तकनीक का इस्तेमाल बखूबी करते हैं. साल 1996 में एक बलात्कार मामले में उन्होंने डीएनए फिंगर प्रिंट का इस्तेमाल कर आरोपी को सजा दिलाने में कामयाबी हासिल की थी. राव सीआरपीएफ में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. आईजी के पद पर वो कई नक्सली ऑपरेशन का नेतृत्व कर चुके हैं.

राव फायर सर्विस के प्रमुख के तौर पर भी काम कर चुके हैं. साल 2013 में आए चक्रवात फैलिन के दौरान उनका काम खूब सराहा गया था और साल 2014 में उड़ीसा और आंध्रप्रदेश में आए चक्रवात हुदहुद में उनके काम को लेकर उन्हें खूब प्रसिद्धी मिली थी. वहां के मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें पुरस्कृत भी किया गया था.

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