विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

गिरफ्तारी के बाद लोगों को उनके अधिकार बताएं सरकारें: दिल्ली हाई कोर्ट

गिरफ्तारी की स्थिति में अधिकतर लोग अपने अधिकारों से अनजान होते हैं

Bhasha Updated On: Jul 23, 2017 05:11 PM IST

0
गिरफ्तारी के बाद लोगों को उनके अधिकार बताएं सरकारें: दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को निर्देश दिया है कि गिरफ्तारी या आपराधिक मामलों में पुलिस हिरासत की स्थिति में सरकारें जनता को उनके अधिकारों के बारे में सूचित करने के लिए जागरुकता अभियान चलाएं.

कार्यवाहक चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरि

शंकर ने यह टिप्पणी की कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसलों में कहा था कि यहां तक कि गैर जमानती और संज्ञेय अपराधों की स्थिति में भी पुलिस स्वत: गिरफ्तार या हिरासत में नहीं ले सकती.

इसने शीर्ष अदालत के निर्देश का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संबंध में पुलिस ने भी स्थायी आदेश जारी किए हैं लेकिन गिरफ्तारी की स्थिति में अधिकतर लोग अपने अधिकारों से अनजान होते हैं.

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी की सख्त ताकत का इस्तेमाल करते वक्त सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर दिया था, जिन्हें वर्षों से पुलिस प्रशासन के हाथों उत्पीड़न के साधन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा है और इसने भारत में पुलिस भ्रष्टाचार में जबरदस्त योगदान भी दिया है.

हेल्पलाइन नंबर शुरू करने पर भी हो रहा है विचार 

अदालत ने कहा, 'प्रतिवादी (केंद्र और दिल्ली सरकार) यह सुनिश्चित करेंगे कि स्थायी आदेश (दिल्ली पुलिस की ओर से अक्टूबर 2008 में जारी) में गिरफ्तारी के लिये स्थापित दिशानिर्देश के बारे में सूचना प्रसारित करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएंगे.'

पीठ ने कहा, 'इसी सामग्री को स्थानीय भाषाओं में भी प्रसारित और जनता के सदस्यों के बीच वितरित किया जाना चाहिए और गिरफ्तार होने पर प्रत्येक व्यक्ति को इसकी एक प्रति उपलब्ध कराई जाए.'

कोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस आयुक्त इस संबंध में हेल्पलाइन नंबर बनाने की संभावना को लेकर जांच करेंगे, जहां से किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या हिरासत के संबंध में उसके परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों को सूचना मिल सके.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi