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बजट 2017: करदाताओं की क्या है डिमांड?

अरुण जेटली ने कहा कि डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स पर भी नोटबंदी का असर दिखेगा

Updated On: Jan 13, 2017 05:56 PM IST

Pratima Sharma Pratima Sharma
सीनियर न्यूज एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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बजट 2017: करदाताओं की क्या है डिमांड?

नोटबंदी के झटके के बाद करदाता उम्मीद कर रहे हैं कि अगले साल आम बजट से लोगों को कुछ तोहफा मिल सकता है.

नोटबंदी के फैसले के बाद फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए डिस्काउंट देने का ऐलान किया है.

रेट कट का संकेत देते हुए जेटली ने कहा कि नोटबंदी और डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के बाद डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स पर भी कुछ हद तक इसका असर नजर आएगा.

जेटली के इस बयान से कई करदाताओं की उम्मीद बढ़ी है. यहां तक कि एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि नोटबंदी के कठिन फैसले के बाद टैक्सपेयर्स को कुछ हद तक छूट मिल सकती है.

कर छूट का बढ़ेगा दायरा

एनालिस्ट्स का मानना है कि बजट पेश करते हुए फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली को टैक्स स्लैब बढ़ाने पर विचार करना चाहिए. रोजमर्रा के खर्चे बढ़ने के बाद कर छूट को बढ़ावा देना जरूरी है. फिलहाल कर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपए है.

वेतनभोगियों को उम्मीद

किराए के घरों में रहने वाले वेतनभोगी भी फाइनेंस मिनिस्ट्री से उम्मीदें लगा रखी हैं. सिर्फ मेट्रो ही नहीं बल्कि दूसरे शहरों में भी किराए के घरों की कीमतें बढ़ गई हैं. ऐसे में एचआरए छूट बेसिक सैलरी का 50 फीसदी तक करना करदाताओं के हित में होगा.

फिलहाल बेसिक सैलरी का 50 फीसदी कर छूट का फायदा मेट्रो शहरों में मिलता है. इसके बढ़ाकर टीयर 2 शहरों तक ले जाया जा सकता है.

2016-17 में फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने अपना तीसरा बजट पेश किया था.इसमें उन्होंने खासतौर पर ग्रामीण आबादी का जीवन स्तर बेहतर बनाने पर फोकस किया था.

हालांकि, पर्सनल हेल्थ के मामले में यह ध्यान रखना होगा कि हेल्थकेयर का खर्च बढ़ गया है. लेकिन हेल्थकेयर में टैक्स छूट अभी भी सिर्फ 15,000 रुपए है, जिसे बढ़ाया जाना चाहिए.

80सी के तहत फिलहाल 1.50 लाख रुपए तक कर छूट मिलता है. इससे सेविंग्स को बढ़ावा मिलता है. इसे बढ़ाकर 2 लाख रुपए करने की उम्मीद की जा रही है.

हेल्थ बीमा पर आप जो खर्च करते हैं उस पर सरकार 80 डी के तहत 35,000 रुपए की छूट देती है, जिनमें 15,000 रुपए फैमिली (पत्नी और बच्चों) और माता पिता के लिए 20,000 रुपए प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलता है.

हाउस प्रॉपर्टी की बात करें तो मौजूदा नियमों के मुताबिक अगर किसी के पास एक से ज्यादा प्रॉपर्टी हुई और वह प्रॉपर्टी खाली है तो डीम्ड इनकम मानकार उस पर टैक्स चुकाना पड़ता है.

कई लोगों को लगता है कि यह नियम गलत है क्योंकि यह उनकी रियल इनकम नहीं है. ऐसे में उम्मीद है कि डीम्ड इनकम टैक्सेशन को खत्म कर देना चाहिए और सिर्फ एक्चुअल इनकम पर टैक्स लगाना चाहिए.

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