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MP मिड डे मील मामला: 'बच्चों के खाने से खिलवाड़ करने वालों को जूते मारना चाहिए'

एक ओर सरकार स्वच्छता को लेकर कसीदे पढ़ रही है तो वहीं सरकारी स्कूल मे पढ़ने वाले बच्चों को पीने के लिए स्वच्छ पानी भी उपलब्ध नहीं है

FP Staff Updated On: Jan 09, 2018 05:05 PM IST

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MP मिड डे मील मामला: 'बच्चों के खाने से खिलवाड़ करने वालों को जूते मारना चाहिए'

मध्य प्रदेश के छतरपुर में बच्चों को सरकारी स्कूल में मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं के आभाव का एक मामला सामने आया है. छतरपुर स्थित गांव सूरजपुरा में बच्चों को मध्याह्न भोजन के नाम पर सिर्फ रोटी और नमक ही दिया जा रहा है.

एक ओर सरकार स्वच्छता को लेकर कसीदे पढ़ रही है, तो वहीं सरकारी स्कूल मे पढ़ने वाले बच्चों को पीने के लिए साफ पानी भी उपलब्ध नहीं है. छतरपुर के गांव सुरजपुरा के ये बच्चे स्कूल के पास से गुजरने वाली नहर से पानी पीते हैं.

इस मामले के बारे में छतरपुर जिले के डीएम रमेश भंडारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने जांच टीम सूरजपुरा भेज दी है. उन्होंने कहा कि बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन में कोई भी अनियमितता पाए जाने पर सख्त कदम उठाएंगे.

बच्चों की नहर से पानी पीने की बात से इनकार करते हुए डीएम रमेश भंडारी ने कहा कि बच्चे स्कूल में स्थित ट्यूबवेल से ही पानी पीते हैं.

इस पूरे मामले में राज्य की महिला एंव बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस ने कहा कि उन्होंने इस मामले के बारे में छतरपुर कलेक्टर से बात की है. उन्होंने इस अनियमितता के लिए जिम्मेदार लोगों को हटा देने की बात भी कही.

अर्चना चिटनिस ने कहा कि एक जांच टीम का भी गठन किया गया है जो राज्यभर में ऐसे मामलो पर निगरानी रखेगी.

एमपी के बाल विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि जो लोग बच्चों के पोषण से साथ समझौता कर रहे हैं, उन्हें जूते से मारना चाहिए. क्या अफसर सो रहे हैं? वे सभी अधिकार चाहते हैं लेकिन आपना काम करना नहीं चाहते.

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