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SC के मना करने के बाद भी सरकारी अधिकारी चल रहे हैं डीजल गाड़ियों पर, #DelhiPollution

ईपीसीए ने केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा डिजल गाड़ियों के इस्तेमाल पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह अदालत के आदेश का उल्लंघन है

Updated On: Dec 08, 2018 12:24 PM IST

FP Staff

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SC के मना करने के बाद भी सरकारी अधिकारी चल रहे हैं डीजल गाड़ियों पर, #DelhiPollution

दिल्ली की वायु गुणवत्ता शनिवार को भी बहुत खराब श्रेणी में बनी रही. वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार लोधी रोड इलाके में प्रमुख प्रदूषक पीएम 2.5 और पीएम 10, 250 और 259 दर्ज किया गया. बीते शुक्रवार को भी हवा की गुणवत्ता इतनी ही खराब बनी हुई थी.

इधर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने दिल्ली-एनसीआर में राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों द्वारा टैक्सी के रूप में किराए पर ली गई निजी डीजल गाड़ियों के इस्तेमाल पर चिंता जताई. ईपीसीए ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के कई अधिकारी दिल्ली और एनसीआर के भीतर आने-जाने के लिए टैक्सी के तौर पर किराए पर ली निजी डीजल गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं और उसने इसके लिए स्पष्टीकरण मांगा है.

यह टिप्पणी तब की गई है जब दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक शुक्रवार को 346 दर्ज किया गया.साथ ही हवा की धीमी गति जैसी मौसम परिस्थितियों के कारण शहर के चार इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ दर्ज की गई. मुंडका, नेहरू नगर, रोहिणी और वजीरपुर में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई.

सरकारी अधिकारियों को केवल सीएनजी और पेट्रोल कारों की सेवाएं लेनी चाहिए

ईपीसीए सदस्य सुनीता नारायण ने कहा कि ये अधिकारी टैक्सी के तौर पर किराए पर लिए करीब 25,000 निजी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं और ईपीसीए केंद्र और राज्य सरकार को पत्र लिखकर उनसे यह पूछेगी कि इस स्थिति से निपटने के लिए वे क्या कदम उठाएंगे.

ईपीसीए ने टैक्सी के तौर पर निजी वाहनों के इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रस्तावित समाधानों में से एक यह था कि सरकारी अधिकारियों को केवल सीएनजी और पेट्रोल कारों की सेवाएं लेनी चाहिए.

नारायण ने कहा, ‘ईपीसीए दिल्ली सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार को पत्र लिखेगा कि यह उनके संज्ञान में आया कि वे दिल्ली और एनसीआर के भीतर आने-जाने के लिए निजी डीजल कारों का इस्तेमाल कर रहे हैं और उच्चतम न्यायालय के आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि सभी टैक्सियां पेट्रोल और सीएनजी दोनों से संचालित होनी चाहिए.'

उन्होंने कहा, ‘यह अदालत के आदेश का उल्लंघन होगा, कृपया हमें बताए कि क्या इस मामले में ऐसा हो रहा है और अगर हां तो आप इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाएंगे.’ यह फैसला ईपीसीए के अध्यक्ष भूरे लाल के नेतृत्व में हुई बैठक में लिया गया. बैठक में विभिन्न परिवहन अधिकारी शामिल हुए. सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, एनसीआर में गाजियाबाद, फरीदाबाद और नोएडा में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई.

(इनपुट भाषा से)

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