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पीएमओ समेत 6 विभागों के लिए सरकार ने खरीदे एयर प्यूरिफायर

36 लाख रुपए खर्च कर पीएमओ के अलावा जिन विभागों के लिए एयर प्यूरीफायर खरीदे हैं उनमें नीति आयोग, स्वास्थ्य, कृषि , टूरिज्म, गृह और विदेश मंत्रालय शामिल है

FP Staff Updated On: Mar 20, 2018 04:29 PM IST

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पीएमओ समेत 6 विभागों के लिए सरकार ने खरीदे एयर प्यूरिफायर

हाल के कुछ वर्षों में जिस तरह प्रदूषण ने दिल्ली को अपने चपेट में लिया है उसके असर से अब प्रधानमंत्री कार्यालय भी अछूता नहीं है. यहीं कारण है कि पीएम मोदी के कार्यालय (पीएमओ) समेत 6 और सरकारी विभागों के लिए 140 एयर प्यूरीफायर खरीदे गए हैं.

केंद्र सरकार ने पीएम मोदी के कार्यालय और अन्य 6 सरकारी विभागों में प्रदूषण के स्थिति से निपटने के लिए 36 लाख रुपए खर्च कर एयर प्यूरीफायर खरीदे हैं.

पीएमओ के अलावा जिन विभागों के लिए एयर प्यूरीफायर लिया गया है उसमें नीति आयोग, स्वास्थ्य मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, टूरिज्म, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय शामिल हैं.

ऐसा माना जा रहा है कि दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति में सुधार करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाने के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है. दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है. पीएम मोदी की इसके हालात को नहीं सुधारने के लिए आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा था.

पिछले साल जब हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 10 प्रतिशत तक पहुंच गई तब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली एक गैस चैंबर है.

ब्रिटिश मेडिकल जनरल द लैनसेट ने अपने रिपोर्ट में कहा था कि 2016 में भारत में कुल बीमारी का लगभग 10 प्रतिशत वायु प्रदूषण के कारण हुआ था.

स्कूलों के लिए नहीं खरीदा गया एयर प्यूरीफायर

हर साल जब ठंड के मौसम में प्रदूषण अपने चरम पर होता है तो राजधानी के स्कूलों को एहतियात के तौर पर बंद करना पड़ता है. पिछले साल भी शहर के सभी स्कूलों को 5 दिन के लिए बंद करना पड़ा था.

राजधानी के लगभग 45 सरकारी स्कूलों का संचालन करने वाली केंद्रीय विद्यालय संगठन का कहना है कि उसने एक भी प्यूरीफायर नहीं खरीदा है और ऐसा करने का उनका इरादा भी नहीं है.

केंद्रीय विद्यालय संगठन के कमीश्नर संतोष कुमार मल्ल ने बताया कि समान्यतः कार्यालय वातानुकूलित होते हैं, तो वहां एयर प्यूरीफायर कारगर है. हमारे स्कूल वातानुकूलित नहीं है. खिड़कियों के दरवाजे खुले रहते हैं ऐसे में एयर प्यूरीफायर का कोई असर नहीं होगा.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है कि अगर प्रदूषण अपने उच्च स्तर पर हो तो खिड़कियों को बंद ही रखना चाहिए. उसने यह भी कहा है कि अगर एयर कंडिशन बाहर से हवा खींचता है तो ऐसे में उसे चलाने से बचना ही उचित होगा.

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