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गोरखपुर ग्राउंड रिपोर्ट: दिल्ली से गए डॉक्टरों ने कहा, पिछले साल से कम हुईं मौतें

डॉक्टरों ने कहा ये हमारी प्राथमिक रिपोर्ट है

Updated On: Aug 17, 2017 12:04 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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गोरखपुर ग्राउंड रिपोर्ट: दिल्ली से गए डॉक्टरों ने कहा, पिछले साल से कम हुईं मौतें

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस से मरते मासूमों की संख्या भले ही कम न हो रही हो लेकिन दिल्ली से गए डॉक्टरों के दल का चौंकाने वाली रिपोर्ट दी है. डॉक्टरों के पैनल की प्राथमिक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इंसेफेलाइटिस की वजह से 2016 की तुलना में 2017 में कम बच्चों की जानें गई हैं.

दिल्ली से पहुंचे डॉक्टरों के इस पैनल में सफदरजंग अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ हरीश चेलानी, लेडी हार्डिंग की नियो नेटाल की एचओडी सुषमा नांगिया और नेशनल इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम के डिप्टी डॉयरेक्टर एम के अग्रवाल हैं.

पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2016 की तुलना में अब तक इंसेफेलाइटिस से मरने वालों की संख्या में कमी आई है. साल 2016 में जहां बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 292 मौतें हुई थीं. वहीं 2017 में आंकड़ा 200 है. हालांकि डॉक्टरों का ये भी कहना है कि ये अभी प्राथमिक रिपोर्ट है. अभी इस बारे में और पड़ताल करेंगे.

नहीं सुधर रही बीआरडी कॉलेज की व्यवस्था

photo source: ANI

दिल्ली के डॉक्टरों के डॉक्टरों के दावे से इतर देखा जाए तो बीआरडी कॉलेज की स्थिति जस की तस बनी हुई है. इंसेफेलाइटिस से जुड़ी खबरों ने भले ही राष्ट्रीय मीडिया में खूब जगह बनाई है लेकिन अस्पताल की व्यवस्था अब भी राम भरोसे ही चल रही है.

अस्पताल में मरीजों के परिजनों का हंगामा, मेडिकल कॉलेज के अंदर परिजनों और डॉक्टरों के बीच बहस. मरीज की मौत के बाद अस्पताल में तोड़-फोड़ अस्पताल के लिए आम बात है.

16 अगस्त को भी एक महिला मरीज की मौत के बाद अस्पताल में तोड़-फोड़ की गई थी. मरीज के परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था.

पिछले 9 तारीख को ऑक्सीजन सप्लाई रुकने के कारण महिला के बेटे की मौत हो गई थी. घटना से सदमे आई महिला को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 16 अगस्त को उसकी भी मौत हो गई. इसके अलावा पिछले 24 घंटे में 12 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई. हालांकि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद ऑक्सीजन की आपूर्ति पहले की तुलना में ठीक हो गई है.

डीएम की रिपोर्ट में सीनियर डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

सारे हंगामें के बीच जिले के डीएम की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है. जिसमें डीएम ने पिछले सप्ताह 7 तारीख से लेकर 12 तारीख के बीच हुईं 72 मौतों के लिए दो सीनियर डॉक्टर्स पर लापरवाही बरतने की बात कही है.

जिले के डीएम राजीव रौतेला ने अपनी जांच रिपोर्ट में अस्पताल में भ्रष्टाचार और अनियमितता की बात कही है. डीएम ने इशारा किया है कि ऑक्सीजन सप्लाई में भी भ्रष्टाचार व्याप्त है.

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