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Good Governance Day 2018: अटल जी की याद में एक आदर्श शासन की चाह

2014 से हर साल 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर सुशासन दिवस मनाने की परंपरा शुरू की गई है

Updated On: Dec 25, 2018 08:25 AM IST

FP Staff

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Good Governance Day 2018: अटल जी की याद में एक आदर्श शासन की चाह

2014 में पहली बार भारत में गुड गवर्नेंस डे यानी सुशासन दिवस की शुरुआत की गई थी. ये दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस को सम्मान देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था. अटल बिहारी का जन्म 25 दिसंबर को सन 1924 में हुआ था. 2014 से हर साल 25 दिसंबर को उनके जन्म दिवस पर सुशासन दिवस मनाने की परंपरा शुरू की गई है.

आज हम आपको गुड गवर्नेंस यानी सुशासन दिवस के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं.

- 2014 में 23 दिसंबर को अटल जी के जन्मदिवस को सम्मानित करने के उद्देश्य से सुशासन दिवस के शुरुआत की घोषणा की गई थी, तबसे हर साल इस दिन सरकारी कार्यालयों और संस्थाओं में ये दिवस मनाया जाता है. इसकी घोषणा सूचना एवं प्रोद्यौगिकी विभाग की ओर से की गई थी.

- इसका उद्देश्य सरकारी संस्थाओं में लोगों को अपने कार्य के प्रति जागरूक और उत्साहित करना भी है.

- इस दिन छुट्टी होने के बजाय इस दिन संस्थाओं में काम होता है.

- सरकार ने जब इसकी शुरुआत की थी, तब उनका मोटो ई-गवर्नेंस से सुशासन लाने का भी था.

- चूंकि 25 दिसंबर को ही क्रिसमस की भी छुट्टी होती है, फिर भी सरकार की ओर से इस दिन कार्यालयों में काम करने की परंपरा रखी गई.

- सुशासन का मतलब- ऐसा शासन जहां सबका विकास हो, सब खुश हों और देशहित के फैसले में सबकी हामी शामिल हो.

- इसके जरिए सरकारों के कामों में पारदर्शिता लाना, उनके कामों का मानक और उत्तरदायित्व तय करना, देश की प्रगति के लिए अच्छे और प्रभावी नियम लाना, लोगों को प्रशासन के करीब लाना उद्देश्य है.

- इस दिन सरकारी कार्यालयों और संस्थाओं में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कई तरह के कार्यक्रम और प्रदर्शनी वगैरह आयोजित किए जाते हैं. स्कूलों में भी छात्रों के लिए कई तरह की प्रतियोगिताएं वगैरह आयोजित की जाती हैं.

सुशासन दिवस की घोषणा के वक्त भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और जनता में लोकप्रिय अटल बिहारी वाजपेयी की उम्र 90 साल थी. इस साल यानी 2018 में 16 अगस्त को उनका निधन हो गया था. उनकी उम्र 93 साल की थी. वो इस देश को अलविदा कह चुके हैं लेकिन उनकी नीतियां और अभूतपूर्व छवि हमेशा याद की जाती रहेगी.

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