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PNB फ्रॉड: बैंक का पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी समेत 3 लोग गिरफ्तार

सीबीआई ने पीएनबी के एक कर्मचारी मनोज खरात और नीरव मोदी ग्रुप में ऑथराइज सिग्नेटरी हेमंत भट्ट को भी इस मामले में गिरफ्तार किया है

Updated On: Feb 17, 2018 12:44 PM IST

FP Staff

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PNB फ्रॉड: बैंक का पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी समेत 3 लोग गिरफ्तार

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. शनिवार को सीबीआई ने बैंक के पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी को गिरफ्तार कर लिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने बैंक के एक कर्मचारी मनोज खरात और हेमंत भट्ट को भी इस मामले में गिरफ्तार किया है.

गोकुलनाथ शेट्टी पर नीरव मोदी को बिना गारंटी के हजारों करोड़ रुपए का कर्ज देने का आरोप है. जांच एजेंसियों को बैंक पर शक गहरा गया है कि बिना गारंटी इतनी बड़ी रकम कैसे दी गई.

गिरफ्तार बैंक कर्मचारी मनोज खरात बैंक में सिंगल विंडो ऑपरेटर (एसडब्लूओ) है जबकि हेमंत भट्ट नीरव मोदी ग्रुप में ऑथराइज सिग्नेटरी है.

बैंकिंग इतिहास में इस सबसे बड़े घोटाले में नीरव मोदी के बाद गोकुलनाथ शेट्टी का ही नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में आया था. शेट्टी ने बिना गारंटी लोन दिए जिसके बाद बैंकिंग सिस्टम पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं. शेट्टी पिछले साल मई में पंजाब नेशनल बैंक से डिप्टी मैनेजर के पद से रिटायर हुआ था. एफआईआर में दिए शेट्टी के पते के मुताबिक मुंबई के बोरीवली में रहता था.

शेट्टी ने ऐसे कराया घपला

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मानें तो पीएनबी के डिप्टी मैनेजर रहे गोकुलनाथ शेट्टी ने ही नीरव मोदी की कंपनियों को फर्जी तरीके से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग दिया. शेट्टी ने अपने दूसरे साथी अफसर मनोज खरात के साथ मिलकर पूरा फर्जीवाड़ा किया. पकड़ में आने से बचने के लिए उसने बैंक के दस्तावेजों में नीरव मोदी की कोई एंट्री भी नहीं की.

कहां का पैसा कहां पहुंचा

लेटर ऑफ अंडरटेकिंग या एलओयू किसी बैंक की अंतरराष्ट्रीय ब्रांच की ओर से जारी किया जाता है. इस लेटर के जरिये ही बैंक, कंपनियों को 90 से 180 दिनों का शॉर्ट टर्म लोन मुहैया कराते हैं. जैसा कि पीएन फ्रॉड केस में हुआ, एलओयू के आधार पर इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक और स्टेट बैंक, जैसे बैंकों की विदेशी ब्रांच ने नीरव मोदी को डॉलर में लोन दिए. इसके बाद हजारों करोड़ रुपया पहले विदेशी फर्मों के खाते में भेजा गया और इसके बाद नीरव मोदी से जुड़ी कंपनियों में सारा पैसा पहुंच गया.

भरतपुर में दो बैंक अधिकारी नपे

इस मामले में भरतपुर में कार्यरत दो बैंक अधिकारियों को निलंबित किया गया है. पीएनबी शाखा लक्ष्मण मंदिर के मुख्य प्रबंधक आरके जैन और सर्किल कार्यालय में कार्यरत स्केल चार के अधिकारी पीसी सोनी को निलंबित किया गया है. जीएस एमएचआरडी ने मंडल प्रमुख संजीव सिंगला को इस संबंध में आदेश भेजे थे.

साल 2011 से 2012 तक ये दोनों अफसर मुंबई की ब्रेडी हाउस शाखा में तैनात थे. अब तक पीएनबी ने देश के 41 अफसर-कर्मचारियों को निलंबित किया है. जिस अधिकारी, कर्मचारी पर थोड़ा सा भी शक पाया गया है, उसे सस्पेंड कर दिया गया है. अब इनके खिलाफ जांच होगी. जल्द ही इन अधिकारियों से किसी भी समय ईडी पूछताछ कर सकती है.

दोनों अफसरों के निलंबन आदेश आने के बाद स्थानीय बैंक प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. हालांकि अभी तक बैंक प्रशासन का कहना है कि दोनों ने यहां के कार्यकाल में कोई भी ऐसी गड़बड़ी नहीं की है लेकिन बैंक प्रबंधन ने फिलहाल जांच के लिहाज से उन अधिकारियों को ही निलंबित किया है जो कि वर्ष 2011 से लेकर अब तक मुंबई की ब्रेडी हाउस शाखा में कार्यरत रह चुके हैं. पीएनबी को शक है कि कोई घोटाले में शामिल हो या नहीं हो, लेकिन जांच प्रभावित कर सकता है. पीएनबी सीईओ सुनील मेहता ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ किया था कि पीएनबी ने दोषी ग्राहकों व स्टाफ के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है. 10 को सस्पेंड कर दिया है. इनकी संख्या बढ़कर शनिवार तक 41 पहुंच गई.

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