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दिल्ली के बाद गोवा के आर्कबिशप भी बोले 'संविधान खतरे में'

दिल्ली के आर्कबिशप अनिल कूटो ने भी पिछले दिनों राजधानी के सभी चर्च को लिखी चिट्ठी में संविधान पर खतरा बताया था

Updated On: Jun 05, 2018 02:38 PM IST

FP Staff

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दिल्ली के बाद गोवा के आर्कबिशप भी बोले 'संविधान खतरे में'

गोवा के आर्कबिशप नेरी फेराओ ने संविधान पर खतरा बताते हुए कहा है कि अब यहां लोग असुरक्षा की भावना के साथ जी रहे हैं. गोवा के आर्कबिशप ने यह बात एक चिट्ठी के जरिए कही. चिट्ठी में आर्कबिशप फिलीप नेरी फेराओ ने कहा कि लोगों को संविधान के मूल्यों और सभी धर्मों की आज़ादी की रक्षा करनी चाहिए. फिलीप ने गोवा और दमन के कैथोलिक ईसाइयों को संबोधित किया गया है. गौरतलब है कि पिछले महीने दिल्ली के आर्कबिशप ने भी संविधान पर खतरे की बात कही थी.

चिट्ठी में आर्कबिशप ने लिखा, 'आज हमारा संविधान खतरे में है और इस वजह से बहुत से लोग असुरक्षा में जी रहे हैं. चूंकि आम चुनाव नज़दीक हैं, तो हमें अपने संविधान को बचाने और उसके मूल्यों की रक्षा के लिए मेहनत करनी होगी.'

उन्होंने आगे लिखा, 'इन दिनों देश में एक ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. इसके तहत सामाजिक एकता की मांग की जा रही है और हमारे खाने-पीने, पहनावे, रहन-सहन और यहां तक कि प्रार्थना पर भी नजर रखी जा रही है. यह एक तरह से एक-संस्कृतिवाद है. मानव अधिकार और लोकतंत्र खतरे में है.'

उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को अपनी सुरक्षा का खतरा सता रहा है और विकास के नाम पर लोगों को उनकी जगहों और घरों से हटाया जा रहा है. फिलीप ने लिखा, 'विकास की राह में गरीब व्यक्ति सबसे ज्यादा पीड़ित है. गरीबों को रौंदना गलत है क्योंकि उनके हक में आवाज उठाने वालों की संख्या काफी कम है.'

दिल्ली के आर्कबिशप की अपील- 2019 के चुनावों को लेकर करें प्रार्थना

दिल्ली के आर्कबिशप अनिल कूटो ने भी पिछले दिनों राजधानी के सभी चर्च को लिखी चिट्ठी में संविधान पर खतरा बताया था. उन्होंने 2019 के आम चुनावों को देखते हुए पादरियों से प्रार्थना और शुक्रवार को उपवास रखने की अपील की थी. हालांकि, विवाद बढ़ने पर उन्होंने कहा कि इस चिट्ठी का नरेंद्र मोदी सरकार से कोई संबंध नहीं.

आर्कबिशप कूटो ने दिल्ली के सभी पादरियों को 8 मई को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने लिखा है कि मौजूदा अशांत राजनीतिक मौहाल संविधान में निहित हमारे लोकतांत्रित सिद्धांतों और धर्मनिरपेक्ष तानेबाने के लिए खतरा बन गया है.' इसे देखते हुए सभी पादरी 13 मई से विशेष प्रार्थना शुरू करें.

कूटो ने कहा था एक समय का खाना छोड़ देश के लिए प्रार्थना करो

आर्कबिशप ने अपने चिट्ठी में लिखा, 'अपने देश और इसके नेताओं के लिए हर वक्त प्रार्थना करना हमारी पवित्र प्रथा है, लेकिन जब हम आम चुनावों की तरफ बढ़ते हैं तो यह प्रार्थना बढ़ जाती है. 2019 अब नजदीक है, जब हमें नई सरकार मिलने वाली है, तो हम अपने देश के लिए 13 मई से प्रार्थना करनी शुरू करें.'

आर्कबिशप कूटो ने इस चिट्ठी में सभी से शुक्रवार के दिन कम से कम एक वक्त का खाना छोड़ने और देश के लिए प्रार्थना करने की अपील की है. आर्कबिशप ने अपील की है कि आओ प्रार्थना करें कि सभी जाति, पंथ, संप्रदाय के लोग शांति और सद्भाव के साथ रहें और घृणा, हिंसा से दूर रहें.

(साभार न्यूज़18)

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