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Genpact Suicide: यौन शोषण के गलत आरोप लगाने के मामले में दो महिला कर्मचारियों पर केस दर्ज

सबूरजपूर पुलिस स्टेशन के हाउस ऑफिसर ने बताया कि कृति की शिकायत के आधार पर IPC की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया गया है

Updated On: Dec 21, 2018 12:13 PM IST

FP Staff

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Genpact Suicide: यौन शोषण के गलत आरोप लगाने के मामले में दो महिला कर्मचारियों पर केस दर्ज

यौन शोषण के आरोपों को झेल रहे जेनपैक्ट के सीनियर अधिकारी के खुदकुशी करने के बाद कंपनी की दो महिला कर्मचारियों और कंपनी के मैनेजमेंट के खिलाफ मामला दर्ज कर किया गया है. पुलिस ने बताया कि इस मामले में कंपनी की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. बताया जा रहा है कि जिन महिलाओं पर केस दर्ज किया गया है, उन्होंने ही जेनपैक्ट के इस अधिकारी पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे.

जेनपैक्ट के स्वरूप राज नाम के ये अधिकारी कंपनी में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट के पद पर थे. मंगलवार को दोनों महिलाओं ने उस पर यौन शोषण का आरोप लगाया था, उसी दिन उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था. वो पिछले 11 साल से कंपनी में काम कर रहे थे.

मंगलवार रात जब स्वरूप की पत्नी कृति अपने घर पहुंची, तब तक स्वरूप खुदकुशी कर चुके थे. उन्होंने नोएडा स्थित अपने घर पर पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या की.  उनके पास एख सुसाइड नोट भी था जिसमें स्वरूप ने खुद को बेगुनाह बताया था. स्वरूप की पत्नी कृति भी नोएडा के सेक्टर 135 स्थित जेनपैक्ट में काम करती हैं. जिन दो महिलाओं नें स्वरूप पर आरोप लगाए वो भी यहीं काम करती हैं.

क्या था सुसाइड नोट में?

स्वरूप ने खुदकुशी करने से पहले अपनी प्तनी के नाम ये सुसाइड नोट लिखा था. उन्होंने इसमें लिखा था कि, 'मुझ पर लगाए गए सारे आरोप गलत हैं लेकिन कंपनी में सभी अब इस बारे में जानते हैं. मुझ में अब किसी का सामना करने की हिम्मत नहीं है. मैं चाहता हूं कि तुम स्ट्रोंग बनों और अपनी जिंदगी सम्मान के साथ जियों क्योंकि तुम्हारे पति ने कुछ नहीं किया.'

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि स्वरूप की मौत के बाद कृति ने जेनपैक्ट के खिलाफ स्वरूप पर गलत आरोप लगाने के लिए शिकायत दर्ज कराई.

स्वरूप की पत्नी ने क्या कहा?

कृति ने कहा कि एक ही ऑफिस में काम करने के बावजूद उन्होंने कभी भी अपने पति के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों के बारे में कुछ नहीं सुना. उन्होंने कहा कि जेनपैक्ट में ही वो दोनों पहली बार मिले थे, जिसके 5 साल बाद उन्होंने शादी करने का फैसला किया.

उन्होंने कहा कि, 'कंपनी को मेरे पति पर आरोप लगाने से पहले जांच करनी चाहिए थी. वो इस कंपनी से 11 सालों से जुड़े हुए थे. कभी किसी ने मेरे पति के खिलाफ उंगली नहीं उठाई. कंपनी के मैनेजमेंट और उन दो महिलाओं ने मेरे पति पर आरोप लगाए और वो ही उनकी मौत की जिम्मेदार हैं.' कृति ने कहा कि टमैनेजेंट को जांच समिति में मुझे भी शामिल करना चाहिए था. मैं स्वरूप के साथ पिछले पांच साल से थी.'

वहीं दूसरी तरफ कंपनी ने अपनी सफाई में कहा है कि स्वरूप पर लगे यौन शोषण के आरोपों को कंपनी के रेगुलेशन से कंफर्म किया गया था. कंपनी ने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया था ताकि ICC इस ममाले पर उचित जांच कर सके. कंपनी ने कहा कि ये हमारे लिए बेहद कठिन समय है.

वहीं सबूरजपूर पुलिस स्टेशन के हाउस ऑफिसर ने बताया कि कृति की शिकायत के आधार पर IPC की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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