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रावत के बचाव में आर्मी: कहा-नहीं दिया कोई राजनीतिक बयान

आर्मी चीफ ने कहा था कि ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट नाम की एक पार्टी है जो पिछले कई साल में बीजेपी से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ी है

FP Staff Updated On: Feb 22, 2018 04:32 PM IST

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रावत के बचाव में आर्मी: कहा-नहीं दिया कोई राजनीतिक बयान

नॉर्थ-ईस्ट मामले में दिए बयान पर आर्मी ने गुरुवार को अपने प्रमुख बिपिन रावत का बचाव किया. आर्मी ने कहा, जनरल रावत के बयान में कुछ भी सांप्रदायिक या राजनीतिक नहीं है.

रावत ने बुधवार को नई दिल्ली में एक समिट के दौरान नॉर्थ-ईस्ट में मुस्लिम आबादी के बल पर दिनोंदिन बढ़ती एक पार्टी को लेकर टिप्पणी की थी.

सेना के मुताबिक, जनरल रावत के बयान में कोई बात धार्मिक या राजनीतिक नहीं कही गई. 21 फरवरी को डीआरडीओ भवन में आयोजित प्रोग्राम में उन्होंने विकास का मुद्दा उठाया था.

इससे पहले, आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि नॉर्थ-ईस्ट में अवैध परदेसियों की दिनोंदिन बढ़ती आबादी के लिए पाकिस्तान और चीन जिम्मेदार हैं. जनरल रावत ने नई दिल्ली में बॉर्डर सुरक्षा पर आयोजित एक समिट को संबोधित करते हुए यह बात कही. उनके इस बयान को लेकर कुछ नेताओं ने विरोध भी जताना शुरू कर दिया है.

विकास के लिए भारी मुसीबत

जनरल ने कहा, नॉर्थ-ईस्ट की यह परेशानी क्या मुसीबत नहीं है? क्या यह विकास के लिए नई समस्या नहीं है? या यह कोई ऐसी परेशानी है जो आबादी बढ़ने के कारण बढ़ी है. मेरे हिसाब से ये सारी समस्याएं हमें घेरती जा रही हैं जिसपर समग्रता से सोचने की जरूरत है. हालांकि केंद्र सरकार इस ओर गंभीरता से ध्यान दे रही है तभी एक्ट ईस्ट पॉलिसी ले आई है, जिसके केंद्रबिंदु में इस इलाके का विकास है.

एआईयूडीएफ पर तंज

नॉर्थ-ईस्ट की आबादी में छेड़छाड़ को मुश्किल बताते हुए रावत ने कहा, एआईयूडीएफ (ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) नाम की एक पार्टी है. पिछले कई साल में बीजेपी ने जिस तेजी से विकास किया, उससे कई गुना ज्यादा तेजी से एआईयूडीएफ फैली है. अगर हम जनसंघ और उसके दो सांसदों वाली पार्टी की तुलना असम में एआईयूडीएफ से करें तो पाएंगे कि ये उनसे ज्यादा तेजी से बढ़ रहे हैं.

एआईयूडीएफ असम की पार्टी है जिसके वोटर ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के लोग हैं.

बदरुद्दीन ने उठाया सवाल

एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने जनरल रावत के बयान पर निशाना साधते हुए कहा, जन. रावत ने सियासी बयान दिया है. किसी आर्मी प्रमुख को इस बात पर क्यों फिक्रमंद होना चाहिए कि एक लोकतांत्रिक और सेकुलर मूल्यों वाली पार्टी बीजेपी से ज्यादा तेजी से विकास कर रही है? उन्हें समझना चाहिए कि एआईयूडीएफ या आप जैसी पार्टियां बड़ी-बड़ी पार्टियों की नाकामी के कारण आगे बढ़ती हैं.

जनरल पर ओवैसी का पलटवार

रावत के बयान पर अचंभा जताते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन औवैसी ने कहा, आर्मी चीफ को सियासी मुद्दों में नहीं पड़ना चाहिए. यह उनका काम नहीं है जो वे किसी पार्टी के विकास, लोकतंत्र पर बोलें जिसकी इजाजत संविधान देता है. आर्मी हमेशा एक चुने हुए नागरिक सरकार के तहत काम करती है.

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