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महिलाओं पर आर्मी चीफ के विवादास्पद बयान पर ट्विटर यूजर ने उन्हें कहा 'Major Embarrasement'

आर्मी चीफ ने कहा था महिलाओं को बच्चों की देखभाल करनी होती है और फ्रंटलाइन पर वो कपड़े बदलते समय जवानों की ताकाझांकी की शिकायत करेंगी. इसलिए उन्हें कॉम्बेट रोल नहीं दिया जा सकता

Updated On: Dec 17, 2018 03:48 PM IST

FP Staff

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महिलाओं पर आर्मी चीफ के विवादास्पद बयान पर ट्विटर यूजर ने उन्हें कहा 'Major Embarrasement'

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत द्वारा सेना में महिलाओं के कॉम्बैट रोल पर दिए एक विवादास्पद बयान से सोशल मीडिया पर बवाल हो गया है. रावत के इस बयान का काफी विरोध हो रहा है.

न्यूज़ 18 को जनरल बिपिन रावत ने इसका कारण बताया कि 'महिलाओं का पहला काम बच्चे पालना है और फ्रंटलाइन पर वो सहज भी महसूस भी नहीं करेंगी और जवानों पर कपड़े बदलते समय अंदर ताक-झांक किए जाने का आरोप भी लगाएंगी. इसलिए उन्हें कॉम्बैट रोल के लिए भर्ती नहीं किया जाना चाहिए.'

रावत ने कहा कि 'वो सेना में औरतों को कॉम्बैट रोल देने के लिए तैयार हैं, लेकिन शायद सेना इसके लिए तैयार नहीं है. क्योंकि अधिकतर जवान गांव के रहने वाले हैं और वो कभी नहीं चाहेंगे कि कोई और औरत उनकी अगुवाई करे.'

जनरल रावत के इसी बयान पर लोग उनका जमकर विरोध कर रहे हैं. ट्विटर पर लोगों ने न सिर्फ उनके बयान को 'विवादास्पद' और 'सेक्सिस्ट' कहा बल्कि उन्हें देश के लिए शर्मनाक भी बताया...

मणिमुग्ध शर्मा नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा है- हे भगवान! जनरल रावत बहुत ही शर्म की बात है! महिला ऑफिसरों को कॉम्बैट रोल इसलिए नहीं दिया जा सकता क्योंकि जब वो कपड़े बदल रही होंगी तो जवान उनके टेंट में ताकझांक करेंगे. और महिला ऑफिसर इस बात की शिकायत करेंगी. ये पढ़ते हुए मेरे कान गुस्से से लाल हो रहे हैं.

वहीं दिव्येंदु दास नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा है- आर्मी चीफ विपिन रावत ने कहा है कि महिलाओं को कॉम्बैट रोल नहीं दिया जा सकता क्योंकि उनके ऊपर बच्चों को पालने की जिम्मेदारी होती है. साथ ही महिला ऑफिसर फ्रंटलाइन पर असहज महसूस करेंगी और वो कपड़े बदलते वक्त जवानों की ताकाझांकी की शिकायत करेंगी.

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