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Gaya honour killing case: मौत की साजिश का पर्दाफाश लेकिन पुलिस की थ्योरी पर लोगों का भरोसा नहीं

40 साल की महिला कौलेश्वरी देवी को पुलिस ने गिरफ्तार किया..जानिए कुलेश्वरी की जबानी पूरी कहानी

Updated On: Jan 22, 2019 06:15 PM IST

Ramashankar Mishra

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Gaya honour killing case: मौत की साजिश का पर्दाफाश लेकिन पुलिस की थ्योरी पर लोगों का भरोसा नहीं

गया के पटवाटोली में लोगों में अभी भी नाराजगी है. यह शहर बिहार की राजधानी पटना से 100 किलोमीटर दूर है. इसी महीने 6 जनवरी को एक 16 साल की लड़की का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला था. उस लड़की का परिवार अभी भी रो-रोकर न्याय की गुहार लगा रहा है.

सोमवार को पुलिस ने कौलेश्वरी देवी नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया. पुलिस का दावा है कि उस नाबालिग लड़की को उसके पिता तुराज पटवा के दोस्त लीला पटवा के घर मारा गया था. 40 साल की कौलेश्वरी देवी की लोकल मीडिया और पुलिस के सामने परेड कराई गई.

हालांकि कौलेश्वरी ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने अपराध में लीला की मदद की है. कुलेश्वरी ने पूरी घटना के बारे बताया लेकिन परिवार के लोग पुलिस की थ्योरी मानने के लिए तैयार नहीं हैं.

कौलेश्वरी ने किया खुलासा?

शुक्रवार (शायद 4 जनवरी) का दिन था. मुझे लीला पटवा का फोन आया. उन्होंने मुझे अपने घर आने के लिए कहा. मैं वहां देर शाम पहुंची. जब मैं वहां पहुंची तो मैंने पीड़िता को देखा. लीला पटवा के साथ उसके संबंध थे और वह उससे पैसे भी मांगती थी.

आधी रात को उस लड़की को शराब पिलाई गई. जिसके बाद वह बेहोश हो गई. मौका पाते ही लीला ने चाकू से लड़की का गला रेत दिया. फिर उसके शव को एक बैग में लपेटकर चारपाई के नीचे रख दिया. उस लड़की का शव दो दिनों तक कमरे में ही रखा जिससे बदबू आने लगी.

लीला ने मुझे बाजार से परफ्यूम लाने को कहा ताकि बदबू कुछ कम की जा सके. 6 जनवरी को लड़की के शव को कमरे से निकाला गया और उसे वहां ले जाया गया जहां से पुलिस को शव बरामद हुआ. उस वक्त लीला की मदद करने वाले कुछ और लोग भी मौजूद थे. कौलेश्वरी ने कहा, मुझे पर कोई दबाव नहीं है मैं अपनी मर्जी से बयान दे रही हूं. कौलेश्वरी ने कहा, मैंने लीला की मदद की क्योंकि लीला के साथ मेरे संबंध थे. पुलिस के सामने दिए बयान में कुलेश्वरी ने कहा, 'प्यार मोहब्बत है.'

पटवाटोली की रहने वाली कौलेश्वरी को मंगलवार को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में पेश किया गया. इससे पहले, पुलिस ने पीड़ित के पिता और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया था और उन्हें जेल भेज दिया था. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद लड़की की मां आशा देवी को पुलिस हिरासत से छोड़ दिया गया. लड़की 28 दिसंबर से लापता है और उसके पिता ने 4 जनवरी को पुलिस में यह मामला दर्ज कराया.

जांच में देरी के कारण हो रहा है संदेह

गया के रहने वाले आलोक कुमार ने भी पुलिस की जांच पर संदेह जताया है. उन्होंने कहा, 'एक महिला अचानक से आती है और हत्या में शामिल होने की बात कबूल करती है. ऐसा लगता है कि पुलिस ने एक और मनगढ़ंत कहानी गढ़ी है, ताकि ऑनर किलिंग के उनके पहले दावे को प्रमाणित किया जा सके.

अपने तर्क को साबित करते हुए समाजसेवी आलोक ने कहा, 'पुलिस कुछ भी कर सकती है. पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं जब बेगुनाह लोगों को संगीन अपराधों के आरोप में बिना किसी सबूत के गिरफ्तार कर लिया गया. पीड़ित के परिवार को न्याय दिलाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को हस्तक्षेप करना चाहिए.'

हालांकि गया के एसएसपी राजीव मिश्रा ने उन्हें काउंटर किया है. मिश्रा ने कहा, हम वैज्ञानिक सबूत इकट्ठे कर रहे हैं. कौलेश्वरी के पति छत्रपति को पूछताछ के लिए पहले ही हिरासत में ले लिया है. बाद में यह पता चला कि उसकी पत्नी भी शामिल है. जिसके बाद उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया. पुलिस ने पीड़ित के पिता तुराज पटवा और उसकी दोस्त लीला पटवा के खून के सैंपल पहले ही ले लिए हैं. जांच में जुटे एक अधिकारी के मुताबिक, 'लीला पटवा के घर से मिले खून के धब्बों से लीला के खून के सैंपलों को मिलाया जाएगा. सैंपलों को डीएनए जांच के लिए पटना की स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में भेज दिया गया है.'

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