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गौरी लंकेश की तरह इन पत्रकारों की आवाज को हमेशा के लिए दबा दिया गया

लंकेश एक निर्भीक पत्रकार थीं जो राइट विंग विचारों और उनकी पॉलिसीज की कट्टर विरोधी मानी जाती थी

FP Staff Updated On: Sep 06, 2017 11:05 AM IST

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गौरी लंकेश की तरह इन पत्रकारों की आवाज को हमेशा के लिए दबा दिया गया

वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की बेंगलुरु स्थित उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. गौरी एक निर्भीक पत्रकार थीं जो राइट विंग विचारों और उनकी पॉलिसीज की कट्टर विरोधी मानी जाती थीं.

सत्ता की खामियों पर उठाए कई सवाल

गौरी लंकेश सत्ता की खामियों पर सवाल उठाने में जरा भी नहीं हिचकती थीं. लेकिन मंगलवार देर शाम गोली मारकर उनकी आवाज को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया. ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी पत्रकार को अपनी निडरता की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी हो.

कितने पत्रकारों की हुई मौत

साल 2002 से अब तक 12 पत्रकारों की मौत हो गई है. किसी की हत्या हुई तो कोई संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया.

हाल ही में गुरमीत राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने बलात्कार का दोषी पाते हुए 20 साल की सजा दी है. साल 2002 में मामला सामने आने के बाद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने डेरा प्रमुख के खिलाफ आवाज बुलंद की थी. 21 नवंबर 2002 को कुछ लोगों ने सिरसा स्थित उनके ऑफिस में घुसकर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी.

-11 जून 2011 को मुंबई के एक क्राइम रिपोर्टर ज्योतिर्मय डे की हत्या कर दी गई. बताया जाता है कि उनके पास मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़ी काफी जानकारियां थीं.

- 1 मार्च 2012 को मध्यप्रदेश के रीवा में स्थानीय स्कूल में हो रही धांधली की कवरेज करने पहुंचे रिपोर्टर राजेश मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

-20 अगस्त 2013 को पत्रकार और लेखक नरेंद्र दाभोलकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

-6 दिसंबर 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर में कार्यरत पत्रकार बी साईं रेड्डी की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी.

-नेटवर्क 18 के पत्रकार राजेश वर्मा की साल 2013 में मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान गोली लगने से मौत हो गई थी.

-26 नवंबर 2014 को आंध्र प्रदेश के तेल माफिया के खिलाफ खबर लिखने वाले पत्रकार एमवीएन शंकर की हत्या कर दी गई.

-साल 2015 में यूपी के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री के खिलाफ फेसबुक पोस्ट लिखने पर शाहजहांपुर में जगेंद्र सिंह नाम के पत्रकार को जिंदा जला दिया गया.

- जून 2015 में मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले से संदीप कोठारी नाम के पत्रकार का अपहरण कर लिया गया, कुछ दिनों बाद महाराष्ट्र के वर्धा जिले में एक खेत में उनका शव मिला था.

-मई 2015 में मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले की कवरेज करने गए दिल्ली के रिपोर्टर अक्षय सिंह की झाबुआ के मेघनगर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.

-13 मई 2016 को सीवान में पत्रकार राजदेव रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

(साभार न्यूज 18)

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