S M L

गांधी जयंती: बापू से जुड़े कुछ दिलचस्प सवाल जो अक्सर पूछे जाते हैं

सरदार वल्लभ भाई पटेल के साथ मीटिंग करने के बाद बापू कमरे से एेसे निकले कि फिर कभी लौटकर नहीं आए

Updated On: Oct 02, 2017 10:25 AM IST

FP Staff

0
गांधी जयंती: बापू से जुड़े कुछ दिलचस्प सवाल जो अक्सर पूछे जाते हैं

महात्मा गांधी का वो कमरा जहां सरदार वल्लभ भाई पटेल के साथ आखिरी मीटिंग करने के बाद बापू शाम की प्रार्थना सभा के लिए 10 मिनट लेट निकले और फिर कभी लौटकर नहीं आ पाए. उस रोशनीदार कमरे में गांधी के स्मृति शेष को देखते हुए और इस बात को महसूस करते हुए कि बापू अपने आखिरी पलों में यहीं थे, मुमकिन है कि आप भावुक हो जाएं और जो थोड़े जज़्बाती हैं उनकी आंखों से सचमुच ही झर झर आंसू बहने लगते हैं.

बापू के जीवन के वो आखरी 5 महीने

दिल्ली के 30 जनवरी मार्ग पर स्थित गांधी स्मृति जहां महात्मा गांधी ने अपने जीवन के आखिरी 144 दिन बिताए थे. विभाजन के बाद दिल्ली और देश भर में हो रही हिंसा की रोकथाम को लेकर गांधी यहीं चर्चा और विमर्श किया करते थे. रोज़ की प्रार्थना सभाएं भी यहीं होती थीं.

पहले बिड़ला हाउस के नाम से पहचाने जाने वाली यह जगह वही है जहां महात्मा गांधी को प्रार्थना सभा में जाते हुए नाथू राम गोडसे ने गोली मार दी थी. पूरी दुनिया को हिला देने वाली इस घटना की याद तब रोंगटे खड़े कर देती है जब आप गांधी स्मृति में ठीक उस जगह होते हैं जहां गांधी को पॉइंट ब्लैंक रेंज पर गोली मारी गई थी और जिसे अब एक स्मारक के रूप में बना दिया गया है.

बापू की कई यादों को समटेते इस संग्रहालय में शैलजा बतौर रिसर्च एसोसिएट काम कर रही हैं. शैलजा और उनकी टीम यहां आने वाले दर्शकों को संग्रहालय के चप्पे चप्पे की जानकारी मुहैया करवाती हैं. शैलजा बताती हैं कि हर दिन हज़ार से भी ज्यादा लोग संग्रहालय आते हैं और शनिवार-रविवार यह संख्या और बढ़ जाती है. दिलचस्प यह है कि यहां आने वाले हर व्यक्ति के ज़ेहन में बापू से जुड़ी कई जिज्ञासाएं होती हैं लेकिन कुछ सवाल तो ऐसे हैं जिनका सामना शैलजा और उनकी टीम को बार बार करना पड़ता है.

बापू को किसने मारा था?

गणेश इस संग्रहालय में कई सालों से काम कर रहे हैं और हर दिन वह इस सवाल से दो चार होते ही हैं कि बापू को आखिर किसने मारा था. गणेश कहते हैं कि इस बारे में कई लोग जानते हैं लेकिन कई देश-विदेश से आने वाले कई सैलानी ऐसे भी हैं जो अभी भी इस बात से अनजान हैं. वह यहां आकर चौंक जाते हैं कि बापू को इसी जगह पर गोली से मारा गया था.

फिर अगला सवाल होता है कि बापू को किसने मारा, उसका धर्म क्या था और मारने की वजह क्या थी. यह जानकर लोग और भी हैरान रह जाते हैं कि बापू को एक हिन्दू धर्म से ताल्लुक रखने वाले व्यक्ति ने ही मार डाला. इसके बाद उनके सवालों की फेहरिस्त बढ़ती ही चली जाती है.

मनु और आभा कौन थी

दूसरा पूछा जाने वाला सवाल है कि वह दो लड़कियां कौन थीं जिनका सहारा लिए बापू तस्वीरों में दिखाई देते हैं और उनका गांधी से क्या रिश्ता था. सुनील भी गांधी स्मृति में ही काम करते हैं और बताते हैं कि जब वह किसी व्यक्ति या परिवार को संग्रहालय दिखा रहे होते हैं तो अक्सर उनका इस सवाल से सामना हो ही जाता है. जवाब में बताया जाता है कि वह मनु और आभा हैं जो बापू की सहायक थीं और उनकी मुहं बोली पोतियां भी.

अंतिम समय में बापू इन्हीं का सहारा लेकर प्रार्थना सभा की ओर जा रहे थे. रास्ते में उन्होंने आभा को डांट भी लगाते हुए कहा कि ‘तुम्हारी वजह से मुझे प्रार्थना में 10 मिनट की देरी हो गई.’ वहीं जब सामने से नाथुराम गोडसे गांधी की तरफ झुके, मनु को लगा वह बापू के पैर छूने के लिए बढ़े हैं. आभा ने कहा कि बापू को पहले ही प्रार्थना में देर हो गई है. उसके बाद जो हुआ वो इतिहास है.

क्या बापू भी मैगी खाते थे..?

दरअसल गांधी स्मृति, पहले बिड़ला हाउस था जहां बिड़ला परिवार रहा करता था. आज़ादी के आंदोलन के वक्त इस कोठीनुमा घर के आगे के दो कमरे बापू के लिए थे और वह जब भी दिल्ली आते थे, तो यहीं बतौर मेहमान रहा करते थे. बापू की हत्या के बाद पांच नंबर का ये बंगला सरकार द्वारा ले लिया गया और इसका नाम गांधी स्मृति रखा गया.

बापू के उन दो कमरों में अभी भी उनका बिस्तर, तकिया चरखा, घड़ी, आदि संजोकर रखा गया है. इन्हीं सब सामान में वे चम्मच और छूरी कांटे भी हैं जिनका इस्तेमाल बापू किया करते थे. यहां कार्यरत स्मिता बताती हैं कि कांटा यानि फॉर्क को देखकर अक्सर लोग हैरान रह जाते हैं और उत्साह में पूछ लेते हैं कि क्या बापू भी मैगी खाते थे.

बापू की शादी हुई थी, उनके कितने बच्चे थे..?

ललिता बताती हैं कि बापू की शादी और उनके बच्चों को लेकर भी लोगों में काफी दिलचस्पी दिखाई पड़ती है. बापू के निजी जीवन से अनजान कई लोग यह जानकर चौंक जाते हैं कि बापू की शादी भी हुई थी. ललिता कहती हैं कि यह ‘न्यूज़ ब्रेक’ करने पर उनसे अगला सवाल पूछा जाता है कि लेकिन बापू तो ब्रह्मचर्य का पालन करते थे ना..? यह भी कम ही लोग जानते हैं कि बापू के चार बच्चे हैं – हरीलाल, मणिलाल, रामदास और देवदास गांधी.

बापू के जीवन, उनके मूल्यों और उनसे जुड़े विवादों से संबंधित अपनी कई जिज्ञासाओं को लेकर गांधी स्मृति में लोग आते हैं. कुछ को जवाब मिल जाते हैं और कुछ ऐसे होते हैं जो सवालों की एक और गठरी लेकर अपने घर लौटते हैं.

( साभार: न्यूज18 के लिए कल्पना शर्मा की रिपोर्ट )

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi