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दूसरी इकाइयों को गैस पाइपलाइन किराए पर देने के लिए गेल शुरू करेगी पोर्टल

पेट्रोलियम मंत्रालय पिछले कुछ महीनों से गेल के गैस परिवहन तथा विपणन कारोबार को अलग करने पर विचार कर रहा है ताकि एक ही इकाई के दोनों काम साथ करने से जुड़े हितों के टकराव की समस्या दूर हो सके

Updated On: Aug 26, 2018 04:45 PM IST

Bhasha

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दूसरी इकाइयों को गैस पाइपलाइन किराए पर देने के लिए गेल शुरू करेगी पोर्टल

सार्वजनिक क्षेत्र की गेल इंडिया लिमिटेड सोमवार को एक नया पोर्टल शुरू करने जा रही है. इस पर प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए कंपनी के बड़े पाइपलाइन नेटवर्क को किराए पर बुक किया जा सकेगा. कंपनी विभाजन को टालने के इरादे से यह आखिरी प्रयास कर रही है.

पेट्रोलियम मंत्रालय पिछले कुछ महीनों से गेल के गैस परिवहन तथा विपणन कारोबार को अलग करने पर विचार कर रहा है ताकि एक ही इकाई के दोनों काम साथ करने से जुड़े हितों के टकराव की समस्या दूर हो सके. इस आधार पर कुछ कंपनियां यह आरोप लगा रही थी कि गेल उनकी गैस के परिवहन के लिए 11,000 किलोमीटर लंबे पाइपलाइन नेटवर्क का उपयोग करने की अनुमति नहीं दे रही.

देश की सबसे बड़ी गैस विपणन और कारोबार करने वाली कंपनी है गेल

सूत्रों के अनुसार गेल यह कहती रही है कि वह तीसरे पक्ष को प्रतिबद्धता के आधार पर पाइपलाइन नेटवर्क के उपयोग की अनुमति देती है. इसे और पुख्ता रूप देने के लिए कंपनी अपने पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए विपणन इकाइयों और ग्राहकों को बुकिंग की सुविधा देने को लेकर ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगी.

मंत्रालय ने जनवरी में कहा था कि वह गेल को दो इकाइयों में विभाजित करने पर विचार कर रहा है. इसमें से एक इकाई पाइपलाइन बिछाने का काम करेगी और दूसरा विपणन तथा पेट्रोरसायन का कारोबार करेगी. इस पहल का मकसद दोनों कामकाज में पारदर्शिता लाना और गैस के परिवहनकर्ता तथा विपणनकर्ता के रूप में हितों के टकराव का समाधान करना है.

बता दें कि गेल देश की सबसे बड़ी गैस विपणन और कारोबार करने वाली कंपनी है और देश में ज्यादातर पाइपलाइन नेटवर्क उसी के पास है.

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