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तो अपनी पत्नी की वजह से पॉलिटिक्स में नहीं आना चाहते रघुराम राजन

राजन ने कहा कि राजनीति के मामले में उनकी पत्नी ने साफ-साफ मना कर रखा है. और इसके अलावा वो राजनीति में वैसे भी दिलचस्पी नहीं रखते. वो प्रोफेसर की भूमिका निभाकर खुश हैं.

FP Staff Updated On: Nov 27, 2017 10:14 AM IST

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तो अपनी पत्नी की वजह से पॉलिटिक्स में नहीं आना चाहते रघुराम राजन

रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने साफ कर दिया है कि वो कभी राजनीति का हिस्सा नहीं बनेंगे और उन्होंने इसकी बहुत दिलचस्प वजह भी बताई है. इसके पीछे उनकी पत्नी का हाथ है.

कुछ दिनों पहले आम आदमी पार्टी की एक बैठक से एक खबर निकली थी कि आप पार्टी राजन को राज्यसभा की सदस्यता देने पर विचार कर रही है. आप ने ये प्रस्ताव भी रखा लेकिन राजन ने ये प्रस्ताव ठुकरा दिया. उनका कहना था कि वो राजनीति में नहीं आना चाहते.

टाइम्स ग्रुप की ओर से आयोजित साहित्य महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे रघुराम राजन ने कहा कि राजनीति के मामले में उनकी पत्नी ने साफ-साफ मना कर रखा है. और इसके अलावा वो राजनीति में वैसे भी दिलचस्पी नहीं रखते. वो प्रोफेसर की भूमिका निभाकर खुश हैं और यही काम करते रहना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, 'जब मैं आरबीआई का गवर्नर था, तब लोग मुझे आईएमएफ भेजना चाहते थे और अब जब वापस प्रोफेसर बन गया हूं तब लोग मुझे कहीं और देखना चाहते हैं. मैं प्रोफेसर के तौर पर काफी खुश हूं. दिन में कई घंटे काम करने के लिए मेरे पास दिमाग है. अपने काम को मैं पसंद करता हूं.'

इसके अलावा भी पूर्व आरबीआई गवर्नर ने कई गंभीर मुद्दों पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने पॉपुलिस्ट नेशनलिज्म यानी लोकलुभावन राष्ट्रवाद पर कहा कि ये आर्थिक विकास के लिए हानिकारक है. आमतौर पर यह बहुसंख्यक समुदाय में भेदभाव को लेकर उन्हें उत्तेजित करता है. लोग शिकायत की इस भावना का फायदा उठाते हैं. देश में आरक्षण का मुद्दा इसका एक उदाहरण है. पॉपुलिस्ट नेशनलिज्म का मिथ्या दुनियाभर में है और भारत इससे बचा हुआ नहीं है.

उन्होंने कहा, यह महत्वपूर्ण है कि नौकरियों की समस्या को सुलझाया जाए. बहुसंख्यक कम्युनिटी की शिकायतों को बढ़ा-चढ़ा कर नहीं कहा जा सकता, क्योंकि अल्पसंख्यक काफी समय से भेदभाव का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा, राष्ट्रवाद देशभक्ति नहीं है, क्योंकि ये बांटता है जो कि खतरनाक है. फिर भी उन लोगों को खारिज करना गलत है जो इन चीजों पर आवाज बुलंद करते हैं. उन्हें गंवार के रूप में खारिज कीजिए.

जीएसटी पर उन्होंने कहा, शुरुआती कुछ समस्याओं के बावजूद यह लंबे समय के लिए अच्छा है. इसकी कुछ खामियों को दूर करने की जरूरत है.

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