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रईस: देशभक्ति की लगती रहेगी क्लास!

नेताओं ने देशभक्ति को अपना हथियार बना लिया है और उसी को लेकर अब वे शिकार पर निकले हैं.

Updated On: Dec 14, 2016 10:37 AM IST

Pratima Sharma Pratima Sharma
सीनियर न्यूज एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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रईस: देशभक्ति की लगती रहेगी क्लास!

वक्त आ गया है जब हमें अपनी सोच-समझ को तिलांजलि देकर देशभक्ति साबित करनी है. अगर आप भी देशभक्त हैं तो मुंह बंद करके एटीएम और बैंकों की लाइन में खड़े रहिए. खाली एटीएम को देखकर निराश होना भी आपको देशद्रोही की कैटेगरी में खड़ा कर सकता है.

अगर आप गजेंद्र चौहान छाप फिल्म भी देखने जाएं तो पहले राष्ट्रगान गान याद कर लें. भले ही कोई गर्लफ्रेंड के साथ कॉर्नर सीट का फायदा उठाने की नीयत से थियेटर गया हो, लेकिन याद रखे 'देशभक्ति से खिलवाड़ उसकी धुनाई भी करवा सकती है, गिरफ्तारी भी करवा सकती है'

देशभक्ति लगाए बेड़ा पार 

हम सब अपनी देशभक्ति साबित कर रहे हैं तो भला फिल्मी सितारे इससे दूर क्यों रहें. मौका भी था और दस्तूर भी. करण जौहर के बाद इस बार देशभक्ति साबित करने की बारी शाहरुख खान की थी.

फिल्म 'रईस' में पाकिस्तानी कलाकार माहिरा खान को कास्ट करके शाहरुख ने जो 'पाप' किया था, उसे धोने वो महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे के घर पहुंचे. शाहरुख को डर था कि अगर वो अपना 'पाप' नहीं धोएंगे तो उनकी आने वाली फिल्म 'रईस' का बेड़ा पार नहीं हो पाएगा.

Raees-Trailer

खैर! वक्त रहते शाहरुख खान ठाकरे की शरण में पहुंचे और उन्हें आर्शीवाद भी मिल गया. किसी योग्य पंडित की तरह ठाकरे साहेब ने शाहरुख को 'पाप' धोने का उपाय भी बता दिया.

यानी माहिरा को अपनी फिल्म में कास्ट करके शाहरुख ने अगर देशद्रोह का 'पाप' किया है तो उन्हें फिल्म के प्रमोशन में शामिल न करके इस 'पाप' को कुछ कम भी किया जा सकता है. रही बात चढ़ावे की तो वो तो लाजिमी है.

इससे पहले करण जौहर भी अपनी फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' में पाकिस्तानी कलाकर फवाद खान को कास्ट करने का पाप कर चुके हैं. यह 'पाप' धोने के लिए उन्हें भी सेना के नाम पर 5 करोड़ रुपए का चढ़ावा ठाकरे साहेब को चढ़ाना पड़ा था, तब जाकर उनकी फिल्म को रिलीज होने का मौका मिला.

अब दर्शकों की बारी 

अब देशभक्ति दिखाने की बारी दर्शकों की है. 'रईस' फिल्म देखने जाएं तो पहले राष्ट्रगान गाएं. साथ में झंडा लहरा सकें तो बेहतर है. इसके बाद फिल्म में जैसे ही माहिरा खान की एंट्री हो, अपने आंख और कान बंद कर लें. क्योंकि किसी पाकिस्तानी कलाकार को भारत में देखना भी देशद्रोह जैसा ही पाप है.

महाराष्ट्र नवनिर्माण 'सेना का कहर 

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के चीफ को देशभक्ति की बहुत फिक्र है. उन पर देशभक्ति इतनी हावी है कि बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों में भी उन्हें पाकिस्तानी आतंकियों की शक्लें नजर आती हैं.

यही वजह है कि मौका मिलते ही महाराष्ट्र नवनिर्माण 'सेना' के जवान इन इलाकों के लोगों को पीटने से गुरेज नहीं करते.

फोटो. न्यूज हेल्पलाइन

जिस तरह ठाकरे साहेब की देशभक्ति बढ़ती जा रही है, मुमकिन है कि वह अविभाजित हिंदुस्तान के कलाकारों की देशभक्ति का टेस्ट ले सकते हैं. इन कलाकारों में झेलम जिले में पैदा हुए गुलजार, पेशावर में पैदा हुए दिलीप कुमार, लाहौर में जन्मे प्रेम चोपड़ा, गुजरांवाला में जन्मे गोविंदा, क्वेटा में पैदा हुए सुरेश ओबरॉय और पेशावर की मिट्टी से निकलकर बॉलीवुड पर राज करने वाला कपूर खानदान शामिल है.

देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने वाले कई

देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने वाले ठाकरे अकेले नहीं हैं. नोटबंदी के ऐलान के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चीफ मोहन भागवत ने भी एटीएम की लाइन में खड़े होने को देशभक्ति का एक 'टाइप' माना था.

सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार के तुगलकी फरमान पर अपनी मुहर लगाते हुए थियेटर में राष्ट्रगान अनिवार्य बना दिया है. सरकार, सुप्रीम कोर्ट और नेताओं ने देशभक्ति को अपना हथियार बना लिया है और उसी को लेकर अब वे शिकार पर निकले हैं.

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