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चारा घोटालाः अदालत ने दोषियों से कहा, जेल में करें आत्मचिंतन

जज ने कहा, ‘आप लोग सामाजिक तौर पर बहुत व्यस्त रहते हैं, समय नहीं मिल पाता है. अब आप लोगों को जेल में अकेले रहने और आत्मचिंतन का अच्छा समय मिलेगा

Updated On: Dec 24, 2017 10:50 AM IST

FP Staff

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चारा घोटालाः अदालत ने दोषियों से कहा, जेल में करें आत्मचिंतन

चारा घोटाले के एक मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद सहित 16 लोगों को दोषी ठहराया गया. सजा सुनाने के बाद विशेष सीबीआई अदालत ने नसीहत के लहजे में कहा कि दोषियों को जेल में जाकर शांतिपूर्वक आत्मचिंतन करना चाहिए.

विशेष सीबीआई अदालत के जज शिवपाल सिंह ने अपना फैसला सुनाने के बाद न्यायिक हिरासत के कागजात तैयार किए जाने के दौरान ये टिप्पणी की.

जज ने कहा, ‘आप लोग सामाजिक तौर पर बहुत व्यस्त रहते हैं तो आप लोगों को समय नहीं मिल पाता है. अब आप लोगों को जेल में अकेले रहने और आत्मचिंतन का अच्छा समय मिलेगा. इस दौरान आप सभी को अपने पिछले कामकाज के बारे में आत्मचिंतन करना चाहिए.’

अदालत ने दोषियों को गर्म कपड़े मुहैया कराने के दिए निर्देश  

अदालत ने अनेक दोषियों की जेल में दवा की व्यवस्था करने, गरम कपड़ों की व्यवस्था करने और अन्य सुविधाओं के अनुरोध को भी स्वीकार कर लिया और उसके अनुसार जेल प्रशासन को निर्देश जारी किए.

इस मामले में दोषी ठहराए गए लालू सहित दोषी सभी 16 लोगों को बिरसा मुंडा जेल भेज दिया गया. हालांकि अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा, बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद, बिहार विधानसभा की लोक लेखा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष ध्रुव भगत समेत छह लोगों को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया.

विशेष जज शिवपाल सिंह ने 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपए की अवैध निकासी के मुकदमे में ये फैसला सुनाया.

21 साल बाद आया है फैसला 

ये मामला वर्ष 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से अवैध तरीके से रुपए की निकासी से संबंधित है. सीबीआई ने 27 अक्तूबर, 1997 को मुकदमा संख्या आरसी, 64 ए, 1996 दर्ज किया था और लगभग 21 वर्षों बाद इस मामले में आज फैसला सुनाया गया.

इस मामले में कुल 38 लोगों को आरोपी बनाया गया था. इनमें से 11 की मौत हो चुकी है, वहीं तीन सीबीआई के गवाह बन गये जबकि दो ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया था जिसके बाद उन्हें 2006-07 में ही सजा सुना दी गई थी. इसके बाद 22 आरोपी बच गए थे, जिनको लेकर शनिवार को फैसला सुनाया गया.

इससे पहले चाईबासा कोषागार से 37 करोड़, 70 लाख रुपए अवैध ढंग से निकासी करने के चारा घोटाले के एक अन्य मामले में इन सभी को सजा हो चुकी है.

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