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बिहार के 13 जिलों में बाढ़ से हाहाकार, अब तक 56 लोगों की मौत

बिहार की ज्यादातर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश से नदियों का पानी उफान पर है

Updated On: Aug 16, 2017 01:17 PM IST

FP Staff

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बिहार के 13 जिलों में बाढ़ से हाहाकार, अब तक 56 लोगों की मौत

उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. राज्य के 13 जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. नदियों में जारी उफान से बाढ़ का पानी कई नए क्षेत्रों में प्रवेश कर रहा है. बाढ़ से सैकड़ों गांव पानी में पूरी तरह से डूब गए हैं.

बिहार की ज्यादातर नदियां मंगलवार को भी खतरे के निशान से उपर बह रही थीं. राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश से नदियों का पानी उफान पर है. दरभंगा में कमला नदी के कई तटबंध टूट गए हैं जिससे कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस आया है.

मुजफ्फरपुर जिले में बाढ़ की स्थिति और भयावह हो गई है. यहां बागमती परियोजना का उतरी बांध टूटने के कारण औराई प्रखंड के सोलह पंचायत के साठ गांव के दो लाख की आबादी प्रभावित हुई है. अचानक बाढ़ आने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों मेें सड़क दो से चार फीट पानी में डूब गए हैं. लोग अपना घर-बार छोड़कर ऊंचाई और सुरक्षित जगहों पर शरण ले रहे हैं. इसके अलावा, सैकड़ों मवेशी भी बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं.

एनडीआरएफ की कई टीमें मोटर बोट के साथ लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में घूम-घूमकर फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं. अररिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सीतामढ़ी, दरभंगा और मधुबनी में बाढ़ की स्थिति गंभीर है.

बाढ़ के चलते बिगड़ते हालात को देखते हुए बाहर से एनडीआरएफ की टीमों को राहत और बचाव कार्यों के लिए बुलाया जा रहा है.

मधुबनी जिले में भी बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है. लगातार हो रही बारिश से स्थिति गंभीर बनी हुई है. प्रशासन ने बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए यहां शनिवार तक के लिए जिले के स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं.

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के जारी आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ के चलते बिहार में अब तक 56 लोगों की मौत हो गई है. अररिया जिले में सबसे ज्यादा 20 लोगों की मौत हुई है, जबकि पश्चिम चंपारण में 9, किशनगंज में 8, सीतामढ़ी में 5, मधेपुरा में 4, पूर्वी चंपारण, दरभंगा और मधुबनी में 3-3 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इसके अलावा, शिवहर में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.

बिहार मेें आई विनाशकारी बाढ़ से 70 लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित हुई है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा किया. उन्होंने अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग कर बाढ़ से निपटने के उपायों पर चर्चा की. मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लगभग 1 लाख 65 हजार लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. इन क्षेत्रों में 343 राहत शिविर खोले गए हैं, जिसमें लगभग 85 हजार लोग शरण लिए हुए हैं. इन सभी के लिए भोजन आदि की व्यवस्था की जा रही है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है.

बारिश और बाढ़ के चलते कई रेल, स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित है या बंद हो गया है. अररिया से पूर्णिया नेशनल हाइवे बंद है. 70 किलोमीटर लंबे इस सड़क मार्ग पर हाइवे कई जगह टूट गया है. पूर्णिया से किशनगंज हाइवे भी बंद है. 65 किलोमीटर लंबे इस हाइवे पर आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ गया है.

बाढ़ से सहरसा जिले के दर्जनो गांव का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. पानी में डूबे इन गांवों से लोग नाव के जरिए उंचे स्थानों पर जा रहे हैं. पूर्णिया जिले में भी बाढ़ से मुख्य सड़कें टूट गई है और आना-जाना बंद पड़ गया है है. अररिया से पूर्णिया एक्सप्रेस-वे बंद है. पूर्णिया से किशनगंज एक्सप्रेस-वे भी बंद है.

पश्चिमी चंपारण में दो रिंग बांध टूटने से बेतिया में भारी तबाही आई है. जिले का राजधानी पटना से सड़क संपर्क कट गया है. मुजफ्फरपुर से बेतिया की ओर जाने वाले सड़क पर आवाजाही बंद है. पानी भर जाने की वजह से मुजफ्फरपुर से गोरखपुर जाने वाली सभी ट्रेनें कैंसिल कर दी गई है. रेल ट्रैक नीचे से 5-6 जगहों पर बह चुकी है. बारिश के चलते इन्हें दुरुस्त करने के काम में रूकावट आ रही है.

उत्तर बिहार और बंगाल में बाढ़ के चलते किशनगंज-सिलीगुड़ी-रेल मार्ग ठप हो गया है. इससे पूर्वोत्तर के आठ राज्यों का बाकी भारत से रेल संपर्क टूट गया है.

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