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जेट एयरवेज ने प्लेन में बम होने की झूठी खबर फैलाने वाले ज्वैलर्स को बैन किया

पहली बार किसी भारतीय एयरलाइन कंपनी ने पैसेंजर को नो फ्लाई लिस्ट में डाला है

FP Staff Updated On: May 20, 2018 04:54 PM IST

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जेट एयरवेज ने प्लेन में बम होने की झूठी खबर फैलाने वाले ज्वैलर्स को बैन किया

जेट एयरवेज ने मुंबई के ज्वैलर बिरजु किशोर सल्ला को 'नो फ्लाई लिस्ट' में डाल दिया है. इसका मतलब है कि बिरजु अब जेट एयरवेज की किसी फ्लाइट में सफर नहीं कर पाएंगे. ये बिरजु किशोर सल्ला वही हैं, जिन्होंने 30 अक्टूबर 2017 को मुंबई से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट में बम होने की झूठी खबर फैलाई थी. इस झूठी खबर की वजह से यात्रियों को काफी दिक्कत हुई थी. सल्ला की इस हरकत से नाराज जेट एयरवेज ने उनपर 5 साल की रोक लगा दी है.

क्या किया था सल्ला ने?

पिछले सला सल्ला जेटएयरवेज की फ्लाइट 9W 339 की सीट 1A पर बैठे थे. उन्होंने प्लेन के बाथरूम में यह मैसेज छोड़ दिया था कि इस प्लेन को हाइजैकर्स ने घेर लिया है और यह प्लेन लैंड नहीं होना चाहिए. उस नोट में लिखा था कि प्लेन को सीधा पाक अधिकृत कश्मीर लेकर जाना है. प्लेन में 12 लोग हैं और अगर आप कहीं लैंड करने की कोशिश करते हैं तो आप लोगों की चीखें सुनेंगे. इसे मजाक ना समझें. कार्गो एरिया में बम हैं और अगर प्लेन दिल्ली में लैंड होती है तो ब्लास्ट हो जाएगा. यह मेसेज मिलने के बाद प्लेन को अहमदाबाद लैंड कराया गया. लेकिन जांच के बाद पता चला कि यह संदेश फर्जी था.

डीजीसीए (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी भारतीय एयरलाइन कंपनी ने किसी पैसेंजर को नो फ्लाई लिस्ट में डाला है. उन्होंने कहा, 'सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ने के लिए सल्ला पर यह रोक लगाई गई है. यह रोक नवंबर 2017 से अगले 5 साल तक के लिए है. हम ऐसे पैसेंजर के लिए डाटाबेस बनाते रहेंगे.'

कितनी तरह की होती है नो फ्लाई लिस्ट?

पैसेंजर के लिए नो-फ्लाई लिस्ट तीन तरह की होती है. पहली लिस्ट में वैसे पैसेंजर आते हैं, जो फ्लाइट में मारपीट या बदतमीजी करते हैं. इन लोगों पर तीन महीने की रोक लगाई जाती है.

दूसरी कैटेगरी में वैसे लोग आते हैं जो सेक्सुअल हैरासमेंट करते हैं. इस तरह के पैसेंजर पर छह महीने तक की रोक लगाई जाती है. तीसरी कैटेगरी वह है, जिसके तहत सल्ला पर प्रतिबंध लगाया है. अगर कोई पैसेंजर एयरक्राफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करे या कॉकपीट में जबरन दाखिल होने की कोशिश करे तो उसपर 2 साल से लेकर जीवनभर के लिए बैन लगाया जा सकता है.

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