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भारत में बनी पनडुब्बी कलवरी नौसेना में शामिल, पीएम ने कहा- 'मेक इन इंडिया' का उदाहरण

डीजल से चलने वाली इस पनडुब्बी में कई खासियतें हैं. ये समंदर में 50 दिनों तक रह सकती है. दुश्मनों के लिए घातक कलवरी एक साथ तारपीडो, मिसाइल और माइंस लेकर चल सकती है

FP Staff Updated On: Dec 14, 2017 10:23 AM IST

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भारत में बनी पनडुब्बी कलवरी नौसेना में शामिल, पीएम ने कहा- 'मेक इन इंडिया' का उदाहरण

गरुवार को देश को पहला भारत में बनी पनडुब्बी मिल गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्कोर्पीन क्लास पनडुब्बी आईएनएस कलवरी को देश के लिए समर्पित किया. इस पनडुब्बी को फ्रांस की मदद से भारत में तैयार किया गया है.

डीजल से चलने वाली इस पनडुब्बी में कई खासियतें हैं. ये समंदर में 50 दिनों तक रह सकती है. दुश्मनों के लिए घातक कलवरी एक साथ तारपीडो, मिसाइल और माइंस लेकर चल सकती है.

पानी के अंदर इसकी रफ्तार 20 नॉटिकल माइल यानी 40 किलोमीटर प्रति घंटे है. इसमें 6 तारपीडो ट्यूब हैं और यह पनडुब्बी एंटी मिसाइल के साथ-साथ माईन भी रोक सकती है.

67.5 मीटर लंबे और 12.3 मीटर ऊंचे इस 1565 टन के सबमरीन में 360 बैट्रियां लगी है, जिनमें हर बैटरी का वजन 750 किलो है. इन बैटरियों को चार्ज करने के लिए इसमें 1250 किलोवाट के दो इंजन लगे हैं.

2009 में इस पनडुब्बी को बनाने का काम शुरू हुआ और 8 सालों के बाद यह पूरी तरह से तैयार होकर भारतीय नौसेना की सेवा करने के लिए सेना में शामिल हो चुका है.

फ्रांस की मदद से भारत में बनी इस पनडुब्बी को पीएम ने मेक इन इंडिया का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि ये निर्माण भारत-फ्रांस के संबंधों को भी मजबूत करेगा.

फ्रांस की रक्षा व ऊर्जा कंपनी डीसीएनएस द्वारा डिजाइन की गईं पनडुब्बियां भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-75 के तहत बनाई जा रही हैं.

प्रधानमंत्री ने कलवरी के देश का गौरव बताते हुए कहा कि यह मेक इन इंडिया का बेहतरीन उदाहरण है. उन्होंने कहा कि वह कलवरी को सागर (SAGAR) नाम दे रहे हैं, क्योंकि इसका मतलब है क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास (Security And Growth for All in the Region).

पीएम ने कहा कि चाहे समुद्र के रास्ते आतंकवाद हो, तस्करी हो या गैर कानूनी मछली पकड़ना है, इन सभी से लड़ने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. अपने भाषण में वन रैंक वन पेंशन का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, 'ये हमारा ही कमिटमेंट था जिसके कारण कई दशकों से लम्बित वन रैंक वन पेंशन का वादा हकीकत में बदल चुका है.'

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन सालों में सुरक्षा से जुड़े पूरे ईकोसिस्टम में बदलाव की शुरुआत हो गई है. उन्होंने बताया कि इस साल जम्मू-कश्मीर में 200 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं और वहां पत्थरबाजी की घटनाओं में भी कमी आई है.

मुंबई में आयोजित इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल विद्यासागर राव, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, एनएसए अजीत डोभाल और फ्रांस के राजदूत एलेक्जेंडर जिग्रल और नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा मौजूद रहे.

2020 तक शामिल होंगी पांच पनडुब्बियां

P-75 प्रोजेक्ट के तहत मुंबई के मझगांव डॉक लिमिटेड में छह स्कोर्पीन पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है. उनमें से पहली कलवरी है जिसे आज नौसेना में शामिल किया गया. बाकी पांच 2020 तक नौसेना को सौंप दिए जाएंगे.

भारत के पास फिलहाल केवल 15 सबमरीन हैं, जिनमें से कुछ रूस में बनी किलो क्लास पनडुब्बियां और कुछ जर्मन की एचडीडब्लू सबमरीन है.

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