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मैक्स अस्पताल ने पहले बच्चे को बताया मृत, बाद में मांगे 50 लाख

एफआईआर में इस बात का खुलासा हुआ है कि मैक्स अस्पताल ने नवजात को नर्सरी में रखने के लिए 50 लाख रुपए मांगे थे

Updated On: Dec 03, 2017 04:51 PM IST

FP Staff

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मैक्स अस्पताल ने पहले बच्चे को बताया मृत, बाद में मांगे 50 लाख

दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मैक्स हॉस्पिटल में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. आरोप है कि अस्पताल ने पहले जिंदा बच्चे को मृत दिखा दिया और बाद में जीवित बच्चे को नर्सरी में रखने के लिए 50 लाख रुपए मांगे. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.

जीवित नवजात बच्चे को मृत घोषित करने के मामले में बच्चे के पिता आशीष ने अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने जांच करनी भी शुरू कर दी है. एफआईआर में इस बात का खुलासा हुआ है कि मैक्स अस्पताल ने नवजात को नर्सरी में रखने के लिए 50 लाख रुपए मांगे थे.

आशीष ने एफआईआर में बताया कि उसकी पत्नी ने मात्र छह माह के गर्भ के बाद ही जुड़वां बच्चों को जन्म दे दिया था. जिसमें बच्ची की मौत पैदा होते ही हुई और दूसरा बच्चा जीवित था. एक घंटे बाद ही अस्पताल ने दूसरे बच्चे की भी मौत बता दी. दोनों बच्चों की डेड बॉडी पैक कर उस पर नंबर लगाकर उन्हें सौंप दिया. समय से पहले जन्म लेने के कारण वह कमजोर था, जिसकी वजह से उसे नर्सरी में रखना जरूरी था, ऐसे में अस्पताल ने बच्चे को खतरे से बाहर आते तक के समय के लिए नर्सरी में रखने के लिए उनसे 50 लाख रुपए मांगे थे.

क्या है पूरा मामला?

इसके अलावा बच्चों के पिता ने एफआईआर में यह भी कहा, ‘पहले तो मैक्स अस्पताल ने मेरे बच्चों को मृत घोषित करके बड़ी गलती की, मेरे बच्चों के इलाज में लापरवाही की. मृत बताते हुए दोनों को पार्सल में पैक करने की तैयारी की.’ बच्चे के नाना प्रवीण ने बताया कि रास्ते में हलचल हुई. हमने पार्सल फाड़ा, जिसमें कागज और कपड़े में बच्चा था. अंदर बच्चे की सांसें चल रही थीं.'

इसके बाद जब परिजन जीवित नवजात को मैक्स अस्पताल ले गए तो मैक्स ने 50 लाख रुपए मांगे. इसके बाद तुरंत पास में ही नजदीकी अग्रवाल अस्पताल में ले गए. अभी अग्रवाल अस्पताल में ही जीवित नवजात बच्चे का इलाज चल रहा है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक संयुक्त आयुक्त (उत्तरी रेंज) डॉ सागर प्रीत हुडा ने बताया, ‘पिता की शिकायत के आधार पर हमने अस्पताल के खिलाफ आईपीसी की धारा 38 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. फिलहाल हम सभी जरूरी दस्तावेजों को जमा कर रहे हैं और अस्पताल के रिकॉर्ड भी चेक कर रहे हैं.’

पुलिस के सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी है कि इलाज के सभी दस्तावेज मैक्स अस्पताल और अग्रवाल अस्पताल से ले लिए गए हैं.

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