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किसान आंदोलन का चौथा दिन: मध्यप्रदेश में शांति बरकरार, नहीं हो रही फल-सब्जी और दूध की कमी

किसान आंदोलन अपने चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है. फिलहाल अभी तक आंदोलन शांत रहा है और कहीं भी किसी तरह की हिंसा की खबर सामने नहीं आई है

Updated On: Jun 04, 2018 09:42 AM IST

FP Staff

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किसान आंदोलन का चौथा दिन: मध्यप्रदेश में शांति बरकरार, नहीं हो रही फल-सब्जी और दूध की कमी

किसान आंदोलन अपने चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है. फिलहाल अभी तक आंदोलन शांत रहा है और कहीं भी किसी तरह की हिंसा की खबर सामने नहीं आई है. हालांकि आंदोलन के कारण आम जनता को तकलीफों का सामना जरूर करना पड़ रहा है. क्योंकि देश के कुछ हिस्सों में फल, सब्जी और दूध लोगों तक आसानी से नहीं पहुंच पा रहा है.

इससे पहले रविवार को अपनी उपजों के वाजिब दाम, कर्ज माफी एवं अन्य मांगों को लेकर किसानों के 10 दिवसीय देशव्यापी ‘गांव बंद आंदोलन’ के चलते मध्यप्रदेश में शांति रही और साग-सब्जी, फल एवं दूध की उपलब्धता आम दिनों की तरह रही. विभिन्न जिलों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, किसान आंदोलन के तीसरे दिन भी प्रदेश में कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं आई है. पूरे राज्य में शांति का माहौल है.

कक्काजी ने दी चेतावनी

वहीं राष्ट्रीय किसान महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने कहा कि हमारे आंदोलन ने असर दिखाना शुरू कर दिया है. जनता के बीच कक्काजी के नाम से मशहूर शर्मा ने कहा कि इस आंदोलन को पहले से ही मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कुचलने के लिए गांव-गांव में जाकर किसानों को डराने धमकाने और मुचलके भरवाकर पुलिस के आतंक का प्रदर्शन करने का काम किया गया.

उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसान के धैर्य की परीक्षा न लें. किसान न तो कमजोर है और न ही कायर. हमारे संगठन के अनुशासन के कारण किसान चुप है. कक्काजी ने कहा, केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह का एक बयान आया है. इससे किसान समाज काफी आहत हुआ है. उन्होंने कहा कि सिंह के इस शर्मनाक बयान और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की दमनकारी नीतियों के विरोध में समूचे मध्यप्रदेश में आंदोलन के दौरान इन दोनों का पुतला दहन किया जाएगा और यदि सरकार ने अपनी दमनकारी नीतियां बंद नहीं की तो महासंघ ने इसके लिए रणनीति तैयार कर रखी है.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय किसान महासंघ देश के 130 किसान संगठनों का समूह है और इस महासंघ के मुख्यालय भोपाल से देशभर के आंदोलन पर नियंत्रण रखा जाएगा. इस बीच, कृषि उपज मंडी मंदसौर के निरीक्षक समीर दास ने बताया, मंदसौर सब्जी मंडी में सब्जी उत्पादक किसान पर्याप्त सब्जी लेकर आए जिसकी नीलामी हुई. सब्जियों के भाव भी सामान्य रहे.

ड्रोन से की जाएगी राहुल गांधी की सभा की निगरानी

वहीं, भोपाल कृषि उपज मंडी समिति के सचिव विनय प्रकाश पटेरिया ने बताया कि रविवार को मंडी में 2,500 क्विंटल सब्जी की आवक रही. अमूमन छुट्टी के दिन इतनी ही सब्जी आती है. मंदसौर जिले के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि राहुल गांधी की छह जून को मंदसौर में होने वाली सभा में भीड़ वाले जगह पर ड्रोन से निगरानी रखने के लिए ड्रोन यहां आ गया है. इसका परीक्षण भी कर लिया गया है.

आपको बता दें कि पिछले साल भी किसानों ने एक जून से 10 जून तक आंदोलन किया था और इसका मुख्य केन्द्र मंदसौर रहा था. छह जून को मंदसौर की पिपलिया मंडी में पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत हुई थी, जिसके बाद समूचे राज्य में हिंसा, लूट, आगजनी एवं तोड़फोड़ हुई थी.

(भाषा से इनपुट)

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