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किसान-मजदूर रैली LIVE: रामलीला मैदान से संसद भवन तक मार्च शुरू, जगह-जगह लगा जाम

वाम दलों के समर्थन वाले किसान संगठनों की ओर से बुधवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान रैली आयोजन किया गया है

| September 05, 2018, 12:24 PM IST

FP Staff

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हाइलाइट

Sep 5, 2018

  • 12:55(IST)

    क्या है मांग

    - न्यूनतम वेतन 18000 किया जाए
    - श्रम कानूनों में बदलाव रोका जाए
    - सरकार की नीतियों के खिलाफ मार्च
    - पुरानी पेंशन नीति बहाल की जाए
    - मनरेगा में 200 दिन का रोजगार मिले
    - श्रमिक जनकल्याण बोर्ड में रजिस्ट्रेशन हो
    - आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता नियमित हों
    - बीएनएसएल, बैंकों और बीमा में विनिवेश रुके

  • 12:18(IST)
  • 11:00(IST)

    मजदूर किसान संघर्ष ने रामलीला मैदान से संसद भवन तक के लिए मार्च शुरू किया.

  • 10:58(IST)

    संसद मार्ग, जनपथ और केजी मार्ग पर ट्रैफिक मूवमेंट रोक दिया गया है. लोग इसकी बजाए बाबा खड़क सिंह मार्ग और अशोका रोड से जाएं.

  • 10:53(IST)

    ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, इन रास्तों पर जाने से बचें

  • 10:52(IST)

    दिल्ली में प्रदर्शन की वजह से कई जगह जाम लग गया है.

  • 10:52(IST)

    दिल्ली: कर्ज माफी के लिए किसानों का मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

किसान-मजदूर रैली LIVE: रामलीला मैदान से संसद भवन तक मार्च शुरू, जगह-जगह लगा जाम

वाम दलों के समर्थन वाले किसान संगठनों की ओर से बुधवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान रैली आयोजन किया गया है. इस तर्ज पर आने वाले दिनों में और भी ऐसी ही रैलियां होंगी. रामलीला मैदान में होने वाली रैली के आयोजकों ने बताया कि माकपा के बैनर तले आयोजित किसान रैलियों के माध्यम से देश में किसान और मजदूरों की बदहाली के मुद्दे लगातार उठाए जाते रहेंगे. इसकी शुरुआत रामलीला मैदान की रैली से होगी. इसके चलते दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी भी जारी की है.

किसान और मजदूर एकजुट होंगे

वाम समर्थित मजदूर संगठन 'सीटू' के महासचिव तपन सेन ने मंगलवार को बताया कि वामदलों और तमाम किसान संगठनों के साझा मंच के रूप में गठित 'मजदूर किसान संघर्ष मोर्चा' रामलीला मैदान से भविष्य के आंदोलनों की रूपरेखा घोषित करेगा. सेन ने कहा कि आजाद भारत में पहली बार सरकार के खिलाफ आयोजित रैली में किसान और मजदूर एकजुट होकर हिस्सा लेंगे.

केंद्र सरकार पर साधा निशाना

उन्होंने कहा कि यह अंतिम नहीं बल्कि पहली रैली होगी. इसमें सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन के दूसरे चरण की कार्ययोजना से अवगत कराया जाएगा. सेन ने कहा कि मौजूदा केन्द्र सरकार सिर्फ धनी और कार्पोरेट घरानों के हितों को साधने वाली नीतियां बना रही है. इसका सीधा असर गरीब मजदूरों और किसानों पर हो रहा है. सेन ने बताया कि रैली में हिस्सा लेने के लिए देश भर से किसान और कामगारों के दिल्ली पहुंचने का सिलसिला पिछले कुछ दिनों से जारी है. इसमें वामदलों और किसान मजदूर संगठनों के नेता हिस्सा लेंगे.

(भाषा से इनपुट)

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