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किसान आंदोलन ने उड़ाई शिवराज की नींद, बुलाई अधिकारियों की बैठक

मध्य प्रदेश की किसान एक जून से आंदोलन करने वाले हैं, इसी को देखते हुए सीएम शिवराज ने पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई है

Updated On: May 24, 2018 07:28 PM IST

FP Staff

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किसान आंदोलन ने उड़ाई शिवराज की नींद, बुलाई अधिकारियों की बैठक

मध्य प्रदेश में एक जून से होने वाले किसान आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सक्रिय हो गए हैं. वे अब कमिश्नर और आईजी के साथ बैठक करेंगे. इसके लिए उन्होंने गुरुवार को मंत्रालय में बैठक बुलाई है.

बताया जा रहा है कि सरकार की योजनाओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री प्रदेश में होने वाले किसान आंदोलन पर भी चर्चा करेंगे. मुख्यमंत्री पुलिस महानिरीक्षकों से एक से दस जून तक किसान संगठनों के प्रस्तावित गांव बंद आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था को लेकर बात करेंगे.

इससे पहले मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि राज्य में किसान संगठन नहीं बल्कि कांग्रेस किसानों को उकसाने का काम कर रही है. और मंदसौर की घटना के बहाने प्रदेश की फिजां को खराब करने की कोशिश की जा रही है. कृषि मंत्री के मुताबिक राज्य सरकार किसान को उसकी उपज का सही दाम देने का काम कर रही है. लेकिन विकास में रोड़ा विपक्ष किसानों के नाम पर माहौल बिगाड़ने में लगा है.

प्रदेश में किसानों का आंदोलन एक जून से शुरू होगा. इस आंदोलन ने पुलिस और इंटेलीजेंस की नींद उड़ा दी है. किसान एक जून से अपने उत्पाद शहर में लाकर नहीं बेचेंगे. किसान आंदोलन में अब तक मंदसौर, नीमच, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, शुजालपुर, आगर-मालवा, रतलाम, खंडवा और खरगौन जिले को ही संवेदनशील माना जा रहा था, लेकिन किसान नेताओं की सक्रियता इन जिलों के साथ ही भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, जिलों में भी बढ़ी है.

हाल ही में इंटेलीजेंस की ताजा रिपोर्ट में होशंगाबाद, हरदा और सबसे ज्यादा इसमें संवेदनशील नरसिंहपुर जिले को माना गया है. यहां पर किसानों की कई मांगों के लेकर आंदोलन लगातार चल रहे हैं. वहीं श्योपुर, शिवपुरी, रीवा, सीधी में भी किसान संगठन अपने आंदोलन को लेकर लगातार बैठक कर रहे हैं.

(न्यूज 18 से साभार)

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