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बेअसर नोटबंदी! फिर पैर पसार रही फेक करेंसी

देश में 8 नवंबर को नोटबंदी का फैसला लागू होने के बाद 500 और 2000 रुपए के नए नोट बाजार में लाए गए थे, लेकिन अब इनके भी नकली नोट बाजार में आ गए हैं

Updated On: Oct 07, 2017 11:15 AM IST

FP Staff

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बेअसर नोटबंदी! फिर पैर पसार रही फेक करेंसी

देश में 8 नवंबर को नोटबंदी का फैसला लागू होने के बाद 500 और 2000 रुपए के नए नोट बाजार में लाए गए. लेकिन इसके कुछ वक्त बाद ही देश के अलग-अलग हिस्सों से 500 और 2 हजार रुपए के नकली नोटों की खेप पकड़ी जाने लगी.

नोटबंदी के बाद ये ये सिलसिला बदस्तूर जारी है. बुधवार को ही दिल्ली में 6 लाख रुपए के नकली नोट पकड़े गए हैं. आगरा में बांग्लादेशी महिलाएं नकली नोट की सप्लाई करती हुई पकड़ी जा चुकी हैं.

हैरान करने वाली बात ये है कि जितने भी लोग नकली नोटों संग पकड़े गए हैं उनके पास ये नकली नोट पश्चिम बंगाल के मालदा से आए हैं. मालदा नकली नोटों का हब बन चुका है. नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी भी अपनी जांच में इस बात को मान चुकी है. अब ये बताने की जरूरत नहीं है कि मालदा में नकली नोट की सप्लाई बांग्लादेश के रास्ते हो रही है.

नकली नोट की सप्लाई मालदा से ही क्यों?

बेहतर रेल और सड़कों की कनेक्टिविटी से लैस, बांग्लादेश बॉर्डर से नजदीकी इन सभी चीजों ने मालदा को एफआईसीएन (फेक इंडिया करंसी नोट्स) कैपिटल में तब्दील कर दिया है. सूत्रों की मानें तो वहीं बॉर्डर के दूसरी तरफ नवाबगंज है, जहां नकली नोट छापने का काम होता है. मालदा रेल के जरिए सीधे दिल्ली, दक्षिणी राज्य, बिहार और उत्तरप्रदेश से जुड़ा हुआ है. वहीं देश के और इलाकों तक भी पहुंचने के लिए सड़क या रेल से 30 मिनट का वक्त लगता है. मालदा से गंगा पार कर झारखंड भी पहुंचा जा सकता है.

बांग्लादेश से देश में इस तरह से आते हैं नकली नोट

बांग्लादेश बॉर्डर से सटा एक हिन्दुस्तानी गांव है मोहब्बतपुर. गांव वाले बताते हैं कि दिन में एक बार ही बीएसएफ यहां गश्त करने आती है. सूत्रों की मानें तो शाम बॉर्डर के उस पार से नोटों के बंडल फेंके जाते हैं. ये बंडल 50 हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक के होते हैं. गांव के छोटे-छोटे बच्चे (कुली) उन बंडल को उठा लेते हैं.

इस काम में बच्चों का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है ताकि पकड़े जाने पर उनके खिलाफ जुवेनाइल एक्ट के तहत कम से कम सजा होती है. इन बंडलों को लेकर एक व्यक्ति करीब एक किमी दूर तक चलता है. माहौल के हिसाब से ये जगह बदलती रहती है. वहां ये बंडल सौंप दिए जाते हैं.

यहां से ये पैकेट फरक्का पहुंचा दिए जाते हैं. रेलवे स्टेशन पास होने के चलते दिल्ली, दक्षिण भारत, बिहार और उत्तरप्रदेश में ये नोट आसानी से खप जाते हैं. ले जाने में भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है.

एक हजार रुपए में मिलता है 2 हजार का नोट

कुछ जानकारों की मानें तो नकली नोट में सबसे ज्यादा डीलिंग 2 हजार रुपए के नोट में होती है. कुछ समय पहले तक 2 हजार रुपए का नोट आसानी से एक हजार रुपए में मिल रहा था. लेकिन जानकारों का कहना है कि डिमांड होने के चलते नकली नोट के रेट भी बढ़ गए हैं. अब 2 हजार रुपए का नोट 1200 रुपए कम में नहीं मिल रहा है. वहीं 500 रुपए का नोट 250 से 300 रुपए में मिल रहा है. 100 रुपए के नोट की बात करें तो इसकी डिमांड कम है. लेकिन ऐसा भी नहीं है कि ये नोट मिलता नहीं है.100 रुपए के एक नोट की कीमत मालदा के बाजार में 45 रुपए है.

(न्यूज18 से नासिर हुसैन की रिपोर्ट)

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