S M L

वायु प्रदूषण गतिविधियां रोक पाने में विफल रहने पर EDMC, SDMC को कारण बताओ नोटिस

सीपीसीबी की नोडल एजेंसियों के साथ बैठकें 14, 19, 22 और 23 नवम्बर को हुई थीं जिसमें एजेंसियों को सोशल मीडिया मंच पर आने के लिए कहा गया था

Updated On: Dec 01, 2018 10:12 PM IST

Bhasha

0
वायु प्रदूषण गतिविधियां रोक पाने में विफल रहने पर EDMC, SDMC को कारण बताओ नोटिस

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) और पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं. सीपीसीबी ने पूछा है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में वायु प्रदूषण गतिविधियां रोकने में असफल क्यों रहे हैं? सीपीसीबी ने दोनों नगर निगमों को जारी नोटिस में पूछा है कि नगर निगमों के आयुक्तों के खिलाफ निष्क्रियता के लिए मामला क्यों न चलाया जाए?

सीपीसीबी ने 29 नवम्बर को जारी दो अलग अलग नोटिस में इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा कि एसडीएमसी और ईडीएमसी आयुक्तों के खिलाफ उनके अधिकार क्षेत्रों में ‘वायु प्रदूषण की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण में असफल’ रहने के लिए अभियोजना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए?

सीपीसीबी अध्यक्ष एस पी सिंह परिहार ने नोटिसों पर 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सीपीसीबी से सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ इसके लिए मामला चलाने को कहा था कि उन्होंने नागरिकों से प्राप्त करीब 250 शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की.

कोर्ट ने सीपीसीबी से कहा था, ‘आप इन अधिकारियों के खिलाफ मामला क्यों नहीं चलाते? आपको इनके खिलाफ मामला चलाना चाहिए.’

एसडीएमसी और ईडीएमसी से पूछे कड़े सवाल:

pollution

सीपीसीबी ने एसडीएमसी को भेजे नोटिस में कहा कि नागरिकों और प्रदूषण निगरानी इकाई द्वारा तैनात टीमों की ओर से प्राप्त 866 शिकायतों में से अभी तक मात्र 200 शिकायतों का निस्तारण किया गया है, 334 शिकायतों की जांच की गई है और 332 पर ध्यान नहीं दिया गया है.

सीपीसीबी ने ईडीएमसी को भेजे नोटिस में कहा कि नागरिकों और प्रदूषण निगरानी इकाई की ओर से तैनात टीमों से प्राप्त 534 शिकायतों में से अभी तक मात्र 133 का निस्तारण किया गया है, 272 की जांच की गई है और 129 पर ध्यान नहीं दिया गया है.

परिहार ने कहा कि सीपीसीबी ने बार बार इन नगर निगमों से इन शिकायतों के निस्तारण के लिए सोशल मीडिया अकाउंट खोलने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि सीपीसीबी की नोडल एजेंसियों के साथ बैठकें 14, 19, 22 और 23 नवम्बर को हुई थीं जिसमें एजेंसियों को सोशल मीडिया मंच पर आने के लिए कहा गया था.

परिहार ने कहा कि खराब होती वायु गुणवत्ता गंभीर चिंता का विषय है और सीपीसीबी ने टीमों को तैनात किया है जो जिम्मेदार एजेंसियों को सीधे तौर पर सूचित करने के लिए अलर्ट भेज रही हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi