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हर किसी को सुलह की संस्कृति में भरोसा करना चाहिए: चीफ जस्टिस

मिश्रा ने एडीआर का उद्घाटन करने के बाद बंबई हाईकोर्ट में अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी और अब्राहन लिंकन जैसे महान नेताओं जो पहले वकील थे

Bhasha Updated On: Nov 04, 2017 10:27 PM IST

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हर किसी को सुलह की संस्कृति में भरोसा करना चाहिए: चीफ जस्टिस

भारत के चीफजस्टिस (सीजेआई) न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने रविवार को कहा कि हर किसी को सुलह की संस्कृति में भरोसा करना चाहिए और महात्मा गांधी ने भी इसकी वकालत की थी.

उन्होंने यहां वैकल्पिक विवाद निपटारा केंद्र (एडीआर) का उद्घाटन करने के बाद बंबई हाईकोर्ट में अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी और अब्राहन लिंकन जैसे महान नेताओं जो पहले वकील थे, ने भी सुलह की संस्कृति की वकालत की थी और समर्थन किया था. उन्होंने लोगों को मुकदमेबाजी के बदले सुलह करने की सलाह दी थी. हर किसी को सुलह की संस्कृति में भरोसा करना चाहिए.

प्रधान न्यायाधीश ने बंबई हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मंजूला चेल्लूर और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के साथ एडीआर केंद्र और पास की सीटीओ इमारत में हाईकोर्ट के कर्मियों और वकीलों के लिए एक क्रेच का उद्घाटन किया.

एडीआर केंद्र की सराहना करते हुए फडणवीस ने कहा कि हमारी अदालतें मुकदमों की बढ़ती संख्या और मुकदमेबाजी से जूझ रही हैं जिसके परिणामस्वरूप लोगों को न्याय में देरी हो रही है.

उन्होंने कहा कि एडीआर केंद्र से आम लोगों को फायदा होगा. उन्होंने कहा कि न्याय प्राप्त करना न सिर्फ संवैधानिक अधिकार बल्कि नागरिकों का मौलिक अधिकार भी है. इसके साथ ही समय से न्याय प्राप्त करना भी समान रूप से महत्वपूर्ण है.

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