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मौजूदा वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर कम कर सकता है EPFO

वित्त मंत्रालय, श्रम मंत्रालय पर दवाब बना रहा है कि वह अपने ईपीएफ की दर को अपनी छोटी सेविंग स्कीम जैसे पीपीएफ की तरह करे

Updated On: Nov 26, 2017 06:02 PM IST

FP Staff

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मौजूदा वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर कम कर सकता है EPFO

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ईपीएफओ मौजूदा वित्त वर्ष के लिए भविष्य निधि जमाओं पर ब्याज दर को घटा सकता है. ईपीएफओ ने 2016-17 में अपने 4.5 करोड़ अंशधारकों को 8.65 प्रतिशत ब्याज दिया. श्रम मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ईपीएफओ ब्याज दर घटा सकता है.

उन्होंने कहा, ‘बांडों पर निम्न आय तथा ईटीएफ निवेश सीधे अंशधारकों के खातों में डालने की योजना के मद्देनजर ईपीएफओ 2017-18 के लिए भविष्य निधि जमाओं पर रिटर्न की दर में कटौती कर सकता है.’

आईआईएम बंगलुरु की सलाह पर तय हुई है नीति 

अधिकारी के अनुसार हालांकि ईपीएफओ को मौजूदा वित्त वर्ष के लिए आय अनुमानों को गणना अभी करनी है. इसी के आधार पर मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अंशधारकों के खाते में डाले जाने वाले ब्याज का फैसला होगा.

इससे पहले गुरुवार को ईपीएफओ ने इक्विटी निवेश के मूल्यांकन व एकाउंटिंग के लिए एक एकाउंटिंग नीति को मंजूरी दी.

इसे आईआईएम बेंगलुरु की सलाह के बाद तैयार किया गया था. पॉलिसी इस वित्तीय वर्ष के अंत तक ग्राहकों के भविष्य निधि खाते में ईटीएफ इकाइयों को क्रेडिट करने में सक्षम हो जाएगी.

इस प्रकार हर खाता धारक अपना पीएफ बैलेंस को कैश बैलेंस और ईटीएफ यूनिट्स की तरह देख पाएगा.

वित्त मंत्रालय बना रहा है श्रम मंत्रालय पर दवाब 

ईटीएफ पर मिलने वाले फायदे को सब्सक्राइबर खाते में जमा किया जाएगा लेकिन सदस्यों को निकासी के समय इन इक्विटी लिंक्ड इनवेस्टमेंट पर पूरी रकम का एहसास हो पाएगा.

ग्राहकों के पास अपने खातों से एडवांस लेते समय ईटीएफ यूनिटों को खत्म करने या कैश निकालने का विकल्प होगा. वित्त मंत्रालय, श्रम मंत्रालय पर दवाब बना रहा है कि वह अपने ईपीएफ की दर को अपनी छोटी सेविंग स्कीम जैसे पीपीएफ की तरह करे.

पिछले साल दिसंबर में ईपीएफ की ब्याज दर को साल 2016-17 के लिए 8.65 फीसदी कर दिया था, यह साल 2015-16 में 8.8 फीसदी थी.

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