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2600 करोड़ के बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले में ईडी ने की छापेमारी

ईडी इस बात की जांच कर रहा है कि कर्ज की रकम का इस्तेमाल कहीं अवैध रूप से संपत्ति खरीदने या दूसरी गड़बड़ियों में तो नहीं किया गया

Updated On: Apr 09, 2018 03:53 PM IST

Bhasha

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2600 करोड़ के बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले में ईडी ने की छापेमारी

वडोदरा स्थित एक कंपनी द्वारा कथित तौर पर बैंकों से 2,654 करोड़ रूपए की धोखाधड़ी करने के सिलसिले में दर्ज मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कई जगह छापेमारी की.

अधिकारियों ने कहा कि वडोदरा में डायमंड पावर इंफ्रांस्ट्रक्चर लिमिटेड (डीपीआईएल) से जुड़ी सात जगहों पर छापेमारी की गई.

उन्होंने कहा कि शहर के गोरवा इलाके में कंपनी के कॉरपोरेट दफ्तर, वडडाला और रानोली में कारखानों तथा निजामपुरा और न्यू अलकापुरी में कार्यकारियों के आवासीय परिसरों पर छापेमारी की गई.

हाल में सीबीआई द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग प्रिवेंशन एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज करने के बाद एजेंसी ने यह कार्रवाई की. सीबीआई ने पिछले हफ्ते भी छापेमारी की थी.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस बात की जांच कर रहा है कि कर्ज की इस रकम का इस्तेमाल कहीं अवैध रूप से संपत्ति खरीदने या दूसरी गड़बड़ियों में तो नहीं किया गया.

सीबीआई ने आरोप लगाया कि इलेक्ट्रिक केबल और उपकरण बनाने वाली कंपनी डीपीआईएल का मालिकाना हक एस एन भटनागर और उनके बेटों अमित भटनागर व सुमित भटनागर के पास है जो इस कंपनी में एक्जीक्यूटिव हैं.

सीबीआई ने कहा कि आरोप है कि अपने प्रबंधन के जरिए डीपीआईएल ने 11 बैंकों के समूह (सरकारी और निजी दोनों) से वर्ष 2008 से क्रेडिट की सुविधा हासिल की और 29 जून 2016 को बकाया कर्ज 2,654.40 करोड़ हो गया.

उसने कहा कि वर्ष 2016-17 में 2,654 करोड़ रुपये के कर्ज को गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) घोषित कर दिया गया.

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