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क्रॉस वोटिंग कर वाघेला ने दिया कांग्रेस को गच्चा!

गुजरात के कांग्रेस के 11 विधायकों ने राष्ट्रपति पद के लिए बीजेपी के रामनाथ कोविंद को अपना वोट दिया

FP Staff Updated On: Jul 20, 2017 10:48 PM IST

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क्रॉस वोटिंग कर वाघेला ने दिया कांग्रेस को गच्चा!

आखिर वही हुआ जिसका कांग्रेस के आलाकमान को डर था. गुजरात के कांग्रेस के 11 विधायकों ने राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेस की उम्मीदवार मीरा कुमार को नहीं बल्कि बीजेपी के रामनाथ कोविंद को अपना वोट दिया. वो विधायक कौन हैं या हो सकते हैं, इसका हिसाब किताब कांग्रेस के आला नेता लगा रहे हैं, लेकिन अब तो नतीजा आ चुका है.

दरअसल कांग्रेस के आलाकमान को क्रॉस वोटिंग का पहले से डर था. डर की वजह बने हैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला. इसी साल दिसंबर में होने वाले चुनाव की तैयारियां नहीं होने को लेकर वाघेला आलाकमान से नाराज चल रहे हैं. बताया जा रहा है कि वाघेला प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरत सिंह सोलंकी से नाराज हैं. लेकिन आलाकमान का आशीर्वाद सोलंकी पर होने के चलते, बापू यानि वाघेला जो चाहते हैं वो हो नहीं पा रहा.

वाघेला समय समय पर यह नाराजगी सार्वजनिक मंच से इजहार करने लगे. कांग्रेस ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए जैसे ही मीरा कुमार को खड़ा किया, उनकी जीत के लिए कांग्रेस और उनकी सहयोगी पार्टियों के सारे विधायकों के वोट मीरा कुमार को मिलें, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश इकाई को आदेश दिए गए. ऐसे में बापू से सुलह का रास्ता ढूंढा जा रहा था. कई मीटिंग के बाद राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग के दिन शंकरसिंह वाघेला की बाकी नेताओं की उपस्थिति से यह कयास लगाए जाने लगे कि बापू और उनके समर्थक कांग्रेस की रणनीति के मुताबिक चले हैं.

लेकिन आज नतीजे ने पत्ते खोल दिए. रामनाथ कोविंद के समर्थन में 121 विधायकों के सामने 132 वोट मिले. जबकि मीरा कुमार को 60 विधायकों के वोट मिलने चाहिए थे, जबकि मिले 49. यानि 11 वोटों का सीधा नुकसान. इसका मतलब साफ है कि 11 विधायकों ने बगावत करते हुए मीरा कुमार को वोट नहीं दिया.

कहा जा रहा है यह बापू की नाराजगी का हिसाब है. राष्ट्रपति चुनाव में तो कांग्रेस की नैया डूबी, लेकिन यही डर अब राज्यसभा चुनाव को लेकर है. सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार राज्यसभा से नामांकन भरने जा रहे हैं. हालांकि शंकर सिंह वाघेला 21 जुलाई को अपने जन्मदिन के मौके पर ही कांग्रेस से इस्तीफा दे देते हैं तो अहमद पटेल का राज्यसभा पहुंचने का गणित पूरा बिगड़ सकता है. इतना ही नहीं, यह ऐसी दमदार चोट होगी जो कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में भी बड़ा नुक्सान करा सकती है.

ऐसे में बापू की नाराजगी को कम करने की लाख कोशिशों के बाद भी नतीजा जो सामने आया उससे कांग्रेस नेता भी नाराज ही हैं. अब देखना ये है कि बापू अपने जन्मदिन पर कांग्रेस से पल्ला झाड़ लेते हैं या नहीं.

(न्यूज़ 18 के लिए जनक दवे की रिपोर्ट)

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