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निर्वाचन आयोग ने चुनौतियों को स्वीकार किया और अपनी छवि को रखा बरकरार: रावत

रावत ने कहा कि जब प्रतिस्पर्धा कड़ी होती है तो संशय से घिरे राजनीतिक दल आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं

Updated On: Sep 18, 2018 09:08 PM IST

Bhasha

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निर्वाचन आयोग ने चुनौतियों को स्वीकार किया और अपनी छवि को रखा बरकरार: रावत

मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने मंगलवार को कहा कि जब प्रतिस्पर्धा कड़ी होती है तो संशय से घिरे राजनीतिक दल आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं लेकिन निर्वाचन आयोग ने सभी चुनौतियों को खुले मन से स्वीकार कर अपनी साख बरकरार रखी है.

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में कोई फर्जी मतदाता नहीं है और आयोग डुप्लीकेट मतदाताओं को लगातार हटाता रहा है और मतदाता सूची में वैद्य मतदाताओं के नाम जोड़ता रहा है.

उन्होंने विश्वास दिलाया कि आगामी चुनावों में कोई डुप्लीकेट मतदाता मतदान नहीं कर सकेगा. रावत ने कहा कि जब प्रतिस्पर्धा कड़ी होती है तो संशय से घिरे राजनीतिक दल आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं लेकिन आयोग ने सभी चुनौतियों को खुले मन से स्वीकार कर अपनी साख बरकरार रखी है. उन्होंने कहा, 'हम निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए वचनबद्ध हैं.'

उन्होंने कहा कि यदि नियमों की अवहेलना की जाती है तो सभी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्भीक, पारदर्शी और बिना किसी भेदभाव से कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है. उन्होंने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि भारत के चुनाव आयोग की थीम 'कोई भी मतदाता ना छूटे' का पालन किया जाए ताकि भारत का प्रत्येक मतदाता लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए अपनी सहभागिता निभा सके.

राजस्थान के दो दिवसीय दौरे पर आए रावत ने प्रदेश में आगामी चुनावी तैयारियों के संबंध में विभिन्न राजनैतिक दलों और नागरिक समाज समूहों से मुलाकात कर चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की. राजस्थान में इस साल के अंत में चुनाव होने वाले हैं.

चुनाव में कालेधन की समस्या से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए रावत ने कहा कि राजस्थान के कई संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र है जहां चुनाव के दौरान कालेधन का दुरूपयोग बताया गया है. आयोग ऐसे संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों पर विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के जरिए निगरानी रखने के लिए प्रतिबद्ध है.

रावत ने कहा कि आयोग उम्मीदवारों द्वारा हलफनामे में चल-अचल संपत्ति के बारे में झूठी सूचना देने पर कदम उठाने के लिए विचार कर रहा है. उन्होंने कहा कि हलफनामे में गलत जानकारी देने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ कोई भी अदालत में मामला ले जा सकता है. आयोग ने इन शिकायतों से निपटने के लिए आयकर विभाग को उम्मीदवारों द्वारा हलफनामे में दी गई जानकारी की जांच करने के निर्देश दिए हैं और आयोग जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही करने पर विचार कर रहा है.

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