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गोल्डन ग्लोब रेस 2018: तूफान में लापता हुए भारतीय नाविक को सुरक्षित निकालने की कोशिशें तेज

गोल्डन ग्लोब रेस 2018 में शामिल हुए नाविकों को तूफान का असर झेलना पड़ा. दक्षिणी हिंद महासागर के आस-पास तूफान के चलते भारतीय नाविक अभिलाष टॉमी इस तूफान में लापता हो गए.

Updated On: Sep 22, 2018 10:26 PM IST

Bhasha

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गोल्डन ग्लोब रेस 2018: तूफान में लापता हुए भारतीय नाविक को सुरक्षित निकालने की कोशिशें तेज

गोल्डन ग्लोब रेस 2018 में शामिल हुए नाविकों को तूफान का असर झेलना पड़ा. दक्षिणी हिंद महासागर के आस-पास तूफान के चलते भारतीय नाविक अभिलाष टॉमी इस तूफान में लापता हो गए. गोल्डन ग्लोब रेस के आयोजकों ने कहा कि वह लापता हुए भारतीय नाविक अभिलाष टॉमी को सुरक्षित निकालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन यह भी स्वीकार किया कि वह मदद से बहुत दूर हैं.

शुक्रवार को तूफान में फंसने की वजह से टॉमी का नौकायन पोत ‘थूरिया’ का मस्तूल टूट गया था और उन्हें कमर में गंभीर चोट आई. आयोजकों का कहना है कि चोट की वजह से वह उठ पाने में अक्षम हो गए हैं और नाव में ही फंसे हुए हैं और उनका पोत पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के पर्थ के तट से 3704 किलोमीटर दूर है.

जबकि शनिवार को वह एक मैसेज भेजने में सफल रहे. जिसमें उन्होंने कहा, 'चल पाना बेहद मुश्किल हो रहा है, स्ट्रेचर की जरूरत पड़ सकती है, चल नहीं सकता. नाव के अंदर सुरक्षित हूं, सैटेलाइट फोन टूट गया है' आयोजकों ने इस रेस की वेबसाइट पर कहा, 'ऑस्ट्रेलियाई संयुक्त बचाव समन्वयन केंद्र अभिलाष टॉमी को सुरक्षित निकालने के लिए सभी संभव विकल्पों का आकलन और समन्वयन करने के लिए कोशिशें कर रहा है. जो मदद पाने के लिए कोसो दूर हैं.

वाईबी 3 से संपर्क

भारतीय नौसेना में 39 वर्षीय कमांडर टॉमी मैसेज भेजने वाली वाईबी 3 इकाई से संपर्क कर पाने में सक्षम हैं लेकिन उनका प्राथमिक सैटेलाइट फोन क्षतिग्रस्त हो गया है. उनके पास दूसरा सैटेलाइट फोन है और एक आपातकालीन बैग में हाथ में पकड़े जा सकने वाला वीएचएफ रेडियो भी है लेकिन आयोजकों का कहना है कि वह फिलहाल वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.

आयोजकों का कहना है कि उन्होंने टॉमी से अपील की है कि वह उस बैग तक किसी तरह पहुंचे क्योंकि यह ऑस्ट्रेलिया और भारतीय वायुसेना के विमान के साथ संपर्क करने में अहम भूमिका निभाएगा. ये विमान उस क्षेत्र के ऊपर उड़ सकने में सक्षम हो सकते हैं जहां टॉमी फंसे हुए हैं. आयोजकों ने कहा कि जमीन से दूरी को देखते हुए ये विमान ज्यादा देर तक उस क्षेत्र में नहीं रह पाएंगे.

मछली पकड़ने में इस्तेमाल होने वाली फ्रांस की एक नाव भी मौके पर पहुंच रही है लेकिन वह अगले कुछ दिनों तक वहां नहीं पहुंच सकेगी. गोल्डन ग्लोब रेस में नाव के माध्यम से 30,000 मील की एकल संसार यात्रा की जाती है. इनमें वही नाव इस्तेमाल की जाती हैं जो 50 साल पहले इस रेस में इस्तेमाल हुई थी. जिसमें सिवाए संचार के उपकरणों के कोई भी नई तकनीक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती. टॉमी का नौकायन पोत भी पहली गोल्डन ग्लोब रेस के विजेता रॉबिन नॉक्स जॉन्स्टन के पोत सुहेली की नकल है.

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