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संसद के शीतकालीन सत्र में भी दिखेगा गुजरात चुनाव का असर

असल कामकाज तो सोमवार 18 दिसंबर से ही शुरू होगा, जिस दिन गुजरात और हिमाचल चुनाव के नतीजे भी आ रहे होंगे

Updated On: Dec 14, 2017 09:59 PM IST

Amitesh Amitesh

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संसद के शीतकालीन सत्र में भी दिखेगा गुजरात चुनाव का असर

गुजरात विधानसभा चुनाव का मतदान खत्म होते ही अब संसद के शीतकालीन सत्र का आगाज हो रहा है. 15 दिसंबर से शुरू होने वाले संसद के सत्र की शुरुआत से ठीक पहले गुजरात को लेकर एक्जिट पोल के नतीजों ने बीजेपी का मनोबल बढ़ा दिया है.

हालांकि पहले दिन के कामकाज के बाद संसद की कार्यवाही फिर दो दिनों के अवकाश के बाद सोमवार 18 दिसंबर को ही शुरू होगी. गौरतलब है कि 18 दिसंबर को ही गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आ रहे हैं. इस दिन भले ही संसद की कार्यवाही चल रही होगी लेकिन, इन नतीजों से संसद का गलियारा भी अछूता नहीं रह पाएगा.

एक्जिट पोल के नतीजे अगर सही साबित होते हैं तो बीजेपी गुजरात में फिर से सरकार बनाएगी और हिमाचल प्रदेश भी कांग्रेस से छीन लेने में सफल हो जाएगी. अगर ऐसा हो जाता है तो फिर बीजेपी के पास कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष पर हमला करने का मौका मिल जाएगा.

rahul gandhi

राहुल गांधी की अध्यक्ष पद पर ताजपोशी 16 दिसंबर को ही हो रही है. उनकी ताजपोशी के दो दिन बाद ही अगर एक्जिट पोल के नतीजे के मुताबिक ही विधानसभा चुनाव का परिणाम आया तो फिर राहुल गांधी पर हमला करने से बीजेपी नहीं चूकने वाली. यह हमला संसद के भीतर भी होगा और संसद के बाहर भी. क्योंकि इस पूरे चुनाव में राहुल गांधी ने ही कमान संभाल रखी थी. ऐसे में कांग्रेस की हार को बीजेपी सीधे राहुल गांधी की हार के तौर पर ही पेश करेगी.

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हालांकि संसद के सत्र की टाइमिंग को लेकर पहले से ही काफी सियासत हो चुकी है. कांग्रेस पूरे गुजरात चुनाव के प्रचार के वक्त इस बात को लेकर बीजेपी और सरकार को घेरती रही कि विपक्ष के हमले से डर कर सरकार संसद का सत्र नहीं बुला रही है. लेकिन, बीजेपी ने गुजरात चुनाव में व्यस्तता का हवाला देकर इस बार संसद के सत्र में देरी को जायज ठहराया था.

लेकिन, गुजरात और हिमाचल प्रदेश चुनाव में एक्जिट पोल के मुताबिक अगर बीजेपी जीत जाती है तो फिर सारे मुद्दे पीछे पड़ जाएंगे और सरकार अपने एजेंडे को लेकर संसद के भीतर काफी आक्रामक रुख अख्तियार कर लेगी.

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

सरकार के एजेंडे में शीतकालीन सत्र के दौरान ट्रिपल तलाक को कानूनन अमली जामा पहनाना भी है. ट्रिपल तलाक का मसला काफी संवेदनशील रहा है. बीजेपी पहले से ही इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाती रही है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब सरकार इसे कानूनी तौर पर लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. इसके लिए संसद में बिल लाकर सरकार इसे पास कराने की तैयारी में है.

हालांकि विपक्ष की तरफ से संसद के शीतकालीन सत्र में जीएसटी, नोटबंदी  और अर्थव्यवस्था के हाल को लेकर भी सरकार को घेरने की पूरी तैयारी हो रही है. लेकिन, यह सबकुछ निर्भर करेगा चुनाव परिणामों के ऊपर. क्योंकि गुजरात में राहुल गांधी लगातार जीएसटी और नोटबंदी के मुद्दे को उठाते रहे हैं.

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यहां तक कि कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी इस मसले पर मैदान में उतार दिया था. लेकिन, एक्जिट पोल सही होता है और बीजेपी की जीत होती है तो फिर कांग्रेस के हाथ से जीएसटी और नोटबंदी का मुद्दा भी खिसक जाएगा. गुजरात की जीत जीएसटी और नोटबंदी पर मोदी सरकार के फैसले पर मुहर के तौर पर ही देखा जाएगा.

हालांकि संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा में कामकाज की संभावना कम ही दिख रही है. मानसून सत्र के बाद जिन मौजूदा सदस्यों का निधन हो गया है उन्हें श्रद्धांजलि देकर सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित भी हो सकती है. ऐसे में असल कामकाज तो सोमवार 18 दिसंबर से ही शुरू होगा, जिस दिन गुजरात और हिमाचल चुनाव के नतीजे भी आ रहे होंगे.

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