S M L

कैश लिमिट बढ़ाने से इनकार पर आरबीआई पर भड़का चुनाव आयोग

ईसी ने आरबीआई से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के लिए कैश ट्रांजैक्शन की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था

Updated On: Jan 29, 2017 06:14 PM IST

FP Staff

0
कैश लिमिट बढ़ाने से इनकार पर आरबीआई पर भड़का चुनाव आयोग

चुनाव आयोग ने आरबीआई को फटकार लगाई है. चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में हिस्सा ले रहे उम्मीदवारों के कैश ट्रांजेक्शन की लिमिट बढ़ाने का आग्रह किया था. जिसे आरबीआई ने मानने से इनकार कर दिया है.

24 जनवरी को चुनाव आयोग ने आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल को एक पत्र लिखा था.

इस पत्र में आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल से मणिपुर, गोवा, यूपी, पंजाब और उत्तराखंड में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के लिए कैश ट्रांजैक्शन की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था.

27 जनवरी को आरबीआई ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर उम्मीदवारों के लिए कैश ट्रांजैक्शन की सीमा को बढ़ाने से इंकार कर दिया.

इस पर चुनाव आयोग के निर्वाचन व्यय महानिदेशक ने 28 जनवरी को आरबीआई के गवर्नर को पत्र लिखकर उनके इस फैसले पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है.

पत्र में चुनाव आयोग ने लिखा है कि आरबीआई मुद्दे की गंभीरता को नहीं समझ रहा है. पत्र में यह भी लिखा गया है कि चुनाव को स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं. यह चुनाव आयोग का दायित्व है कि वह सभी उम्मीदवारों के लिए सामान अवसर उपलब्ध करवाए.

नोटबंदी के बाद से ही पैसे निकालने पर लगी पाबंदी अब तक जारी है. आरबीआई ने नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद एक जनवरी 2017 से एटीएम से पैसे निकालने की रोजाना लिमिट को 4500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया था.  हालांकि इसके बावजूद एक हफ्ते में कुल रकम निकालने की लिमिट 24,000 रुपये ही रखी गई.

आयोग ने कहा है कि 24,000 साप्ताहिक निकासी सीमा के कारण उम्मीदवार चुनाव से पहले मिलने वाले तीन-चार सप्ताह के दौरान सिर्फ 96,000 रुपये ही निकाल पाएंगे. जबकि पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लिए एक उम्मीदवार के लिए निर्धारित अधिकतम खर्च सीमा 28 लाख रुपये है, और मणिपुर व गोवा के लिए 20 लाख रुपये है.

आयोग ने कहा था, 'निर्वाचन आयोग को विभिन्न पार्टियों ने बैंकों से नकदी निकासी की सीमा के कारण उम्मीदवारों को हो रही परेशानी के बारे में बताया है.' अायोग ने कहा है, 'खर्च का कुछ हिस्सा चेक के जरिए होगा, लेकिन छोटे-मोटे दैनिक खर्च आम तौर पर नकदी में होते हैं.'

आम बजट 2017 की खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. 

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi