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साईबाबा को माओवादियों से संबंध रखने के मामले में उम्रकैद

साईबाबा के अलावा मामले में 5 अन्य लोगों को भी दोषी पाया गया है.

FP Staff Updated On: Mar 07, 2017 08:19 PM IST

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साईबाबा को माओवादियों से संबंध रखने के मामले में उम्रकैद

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जीएन साईबाबा को माओवादियों से संबंध रखने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है.

साईबाबा के अलावा हेम मिश्रा, प्रशांत राही, महेश तिर्के और पांडु नरोटे को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. जबकि एक अन्य आरोपी विजय तिर्के को 6 साल की सजा सुनाई गई है.

साईबाबा सहित इन लोगों को 2014 में गिरफ्तार किया गया था. उन्हें गढ़चिरौली कोर्ट ने दोषी ठहराया है. साईबाबा के अलावा मामले में 5 अन्य लोगों को भी दोषी पाया गया है जिनमें जेएनयू के छात्र हेम मिश्रा और प्रशांत राही भी शामिल हैं.

9 मई 2014 को प्रोफेसर जीएन साईबाबा को माओवादियों के साथ संबंध रखने के आरोप में महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस ने उनपर प्रतिबंधित संगठन भाकपा-माओवादी का कथित सदस्य होने, उन लोगों को साजोसामान से समर्थन देने और भर्ती में मदद करने के आरोप लगाया था.

साईबाबा दिल्ली विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्रोफेसर हैं. पुलिस के मुताबिक साईबाबा का नाम उस समय सामने आया, जब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र हेम मिश्रा को गिरफ्तार किया गया. उसने कथित तौर पर जांच एजेंसियों को बताया कि वह छत्तीसगढ़ के जंगलों में छिपे माओवादियों और प्रोफेसर के बीच 'कूरियर' का काम करता है.

पुलिस का दावा है कि मिश्रा के अलावा तीन अन्य गिरफ्तार माओवादियों कोबाड गांधी, बच्चा प्रसाद सिंह और प्रशांत राही ने भी दिल्ली में अपने संपर्क के रूप में साईबाबा का नाम लिया था.

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