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भारत में बने रुस्तम-2 का सफल परीक्षण, शत्रु की टोह लेने के आएगा काम

यह स्वदेशी विमान कम ऊंचाई पर उड़ते हुए भी दुश्मन को अपना निशाना बना सकता है. रुस्तम-2 को सैन्य मकसद के लिए तैयार किया जा रहा है

Updated On: Feb 25, 2018 06:15 PM IST

FP Staff

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भारत में बने रुस्तम-2 का सफल परीक्षण, शत्रु की टोह लेने के आएगा काम

डीआरडीओ के प्रोजेक्ट रुस्तम-2 का परीक्षण सफल रहा है. कर्नाटक में चित्रदुर्ग जिले के चालेकेरे में रविवार को इसका सफल परीक्षण किया गया. मजबूत इंजन प्रणाली से युक्त इस यह प्रोजेक्ट डीआरडीओ के लिए बेहद खास है.

उड़ान के सभी मानकों पर रुस्तम-2 खरा उतरा. इस परीक्षण में डीआरडीओ के अध्यक्ष, एरो के मानिदेशक और कई वरिष्ठ वैज्ञानिक भी शामिल रहे. उन्होंने रुस्तम-2 टीम को बधाई दी है.

रुस्तम-2 का नाम भारतीय वैज्ञानिक रुस्तम दमानिया के नाम पर रखा गया है. 1980 के दशक में रुस्तम दमानिया ने एविएशन की दुनिया में जो रिसर्च किया उससे देश को बहुत फायदा हुआ था.

इस स्वदेशी विमान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम ऊंचाई पर उड़ते हुए भी दुश्मन को अपना निशाना बना सकता है. रुस्तम-2 को सैन्य मकसद के लिए तैयार किया जा रहा है. भारतीय सेना इसे लेकर उत्साहित है.

आने वाले समय में रुस्तम-2 के कई और परीक्षण होंगे. इसे सैन्य मिशन जैसे टोह, निगरानी, लक्ष्य भेदन, लक्ष्य की पहचान, संचार रिले, नष्ट हुई क्षमता का आकलन और सिग्नल इंटेलीजेंस में इस्तेमाल किया जा सकेगा.

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